AAP सांसद संजय सिंह ने कथित वोट चोरी और एसआईआर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन जनता का अधिकार है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई चक्रवर्ती सम्राट नहीं हैं, जिन्हें हमेशा सत्ता में बने रहने का अधिकार मिल गया हो। संजय सिंह ने बीजेपी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे ध्यान से सुन लें, देश में सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। उनके इस बयान के बाद वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और विपक्ष की ओर से सरकार बदलने की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
‘वोट चोरी करके सत्ता में आई बीजेपी को जाना होगा’
संजय सिंह ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बीजेपी कथित वोट चोरी के जरिए सत्ता में आई है और उसे सत्ता छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सरकार को हमेशा शासन करने का अधिकार नहीं होता। जनता को चुनाव के माध्यम से सरकार चुनने और बदलने का अधिकार है। AAP सांसद ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना, जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाना और जरूरत पड़ने पर विरोध प्रदर्शन करना है। उनके मुताबिक, सरकार बदलने की मांग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। संजय सिंह ने बीजेपी नेताओं की उन टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें विपक्ष के सत्ता परिवर्तन के आह्वान पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि विपक्ष से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह प्रधानमंत्री को ऐसा नेता मान ले, जिसे जीवनभर शासन करने का अधिकार प्राप्त हो।
संविधान का हवाला देकर सरकार पर साधा निशाना
वोट चोरी से प्रधानमंत्री बने मोदी जी कोई चक्रवर्ती सम्राट नहीं हैं। भाजपाई कान खोलकर सुन लें, सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा!
— @SanjayAzadSln, राज्यसभा सांसद, AAP https://t.co/m4tSbPkjRz
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) October 17, 2026
AAP सांसद ने अपने बयान में भारतीय संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सरकारें चुनाव के माध्यम से बनती हैं और जनता को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी भूमिका होती है। विपक्ष का दायित्व है कि वह सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाए। संजय सिंह ने दावा किया कि यदि कोई सरकार जनता के हितों के अनुरूप काम नहीं करती, तो मतदाताओं को चुनाव में उसे बदलने का अधिकार है। उन्होंने सत्ता परिवर्तन की मांग को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए बीजेपी पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। हालांकि, बीजेपी की ओर से वोट चोरी के आरोपों को लेकर अलग-अलग मौकों पर जवाब दिया गया है। संजय सिंह के आरोपों और उनके राजनीतिक निष्कर्षों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि AAP नेता के दावे के तौर पर देखा जाना चाहिए।
वोटर लिस्ट और SIR को लेकर जारी है विवाद
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। संजय सिंह ने भी आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। AAP नेता इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते रहे हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि राजनीतिक दल और मतदाता उसकी जांच कर सकें। दूसरी ओर, मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया है। किसी भी विशिष्ट आरोप की पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक आंकड़ों, दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी है।
‘सत्ता परिवर्तन जनता का अधिकार’
संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी नेताओं को विपक्ष की ओर से सरकार बदलने की मांग पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में सत्ता हासिल करने और सत्ता से बाहर होने का फैसला मतदाता करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चक्रवर्ती सम्राट बताने की किसी भी धारणा को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी नेता लोकतांत्रिक व्यवस्था से ऊपर नहीं है। AAP सांसद का कहना है कि सरकार बदलने की मांग करना किसी असाधारण राजनीतिक व्यवस्था की मांग नहीं, बल्कि चुनावी लोकतंत्र का हिस्सा है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह है कि सरकार की जवाबदेही तय करना और चुनाव के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की मांग करना विपक्ष की राजनीतिक भूमिका का हिस्सा है।