हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जालंधर में भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव की शोभायात्रा को संबोधित किया। उन्होंने समानता, सद्भाव, करुणा और नशामुक्त समाज का संदेश दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जालंधर में भगवान वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षित, नशामुक्त और समृद्ध समाज के निर्माण को रामराज्य की दिशा में पहला कदम बताया। मुख्यमंत्री ने लोगों से भगवान वाल्मीकि जी के समानता, सद्भाव और करुणा के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
रामराज्य के लिए सुरक्षित और नशामुक्त समाज जरूरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस करे और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखा जाए। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि परिवार, समाज और सरकार को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने समृद्ध समाज की परिकल्पना को केवल आर्थिक विकास तक सीमित न रखते हुए सामाजिक सद्भाव, समान अवसर और मानवीय मूल्यों से भी जोड़ा। उनके अनुसार, रामराज्य की भावना ऐसे समाज में साकार हो सकती है, जहां लोगों के बीच सम्मान, सहयोग और न्याय की भावना मजबूत हो।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने जालंधर में भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर आयोजित विशाल तीर्थ यात्रा को संबोधित करते हुए सुरक्षित, नशामुक्त और खुशहाल समाज के निर्माण को रामराज्य की दिशा में पहला कदम बताया।
उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी के समानता, समरसता और करुणा के संदेश को जीवन में अपनाने तथा उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
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— DPR Haryana (@DiprHaryana) October 18, 2026
भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि समानता, करुणा और आपसी सद्भाव जैसे मूल्य समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोगों को इन शिक्षाओं को अपने व्यवहार में उतारना चाहिए, ताकि सामाजिक भेदभाव कम हो और भाईचारे को बढ़ावा मिले।
भगवान वाल्मीकि जी को भारतीय साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त है। महर्षि वाल्मीकि को रामायण का रचयिता माना जाता है। उनकी विरासत भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई है।
जालंधर में निकली भव्य शोभायात्रा
भगवान वाल्मीकि जी के प्रकटोत्सव के अवसर पर जालंधर में आयोजित भव्य शोभायात्रा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। इस तरह के धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर देते हैं। साथ ही, संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे भगवान वाल्मीकि जी के आदर्शों को अपनाकर समाज में प्रेम, समानता और सेवा की भावना को मजबूत करें।
सामाजिक एकता और बेहतर भविष्य का संदेश
नायब सिंह सैनी के संबोधन का मुख्य संदेश एक सुरक्षित, नशामुक्त, समरस और समृद्ध समाज के निर्माण पर केंद्रित रहा। उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उनके अनुसार, सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करके ही ऐसा वातावरण बनाया जा सकता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति सम्मान और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सके।