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15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा से प्रभावित होकर सैम करन ने उन्हें शानदार खिलाड़ी बताया। इंग्लैंड के खिलाफ मैच से पहले करन ने वैभव को दबाव संभालने की दी सलाह।
क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों एक नाम हर किसी की जुबान पर है, और वह है मात्र 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपने रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के बाद, वैभव ने वैश्विक क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। अब इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के बीच, इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर सैम करन ने वैभव की प्रतिभा और उनकी कहानी की जमकर तारीफ की है। करन का मानना है कि इतनी कम उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाना एक ‘अविश्वसनीय कहानी’ है।
करन ने वैभव के खेल की जमकर की तारीफ
दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए सैम करन ने स्वीकार किया कि आईपीएल के दौरान उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी को करीब से देखा और वे उनके निडर अंदाज से बेहद प्रभावित हैं। करन ने कहा, “मैंने आईपीएल के दौरान उन्हें काफी देखा और यह अविश्वसनीय है कि वे कितनी सहजता से बल्लेबाजी करते हैं। जिस तरह से उन्हें ध्यान और प्रशंसा मिल रही है, वे वास्तव में इसके हकदार हैं।” करन ने आगे जोड़ा कि एक विपक्षी खिलाड़ी होने के नाते भी आप उनकी प्रतिभा और कौशल की सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाते। 15 साल की उम्र में भारत के लिए खेलना वाकई एक बहुत ही शानदार और प्रेरणादायक कहानी है।
इंग्लैंड की पिचें होंगी अलग चुनौती
हालांकि सैम करन वैभव की प्रतिभा का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका यह भी मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियां भारतीय पिचों से बिल्कुल अलग हैं। आईपीएल की बल्लेबाजी के अनुकूल सतहों के विपरीत, इंग्लैंड की पिचें काफी धीमी होती हैं। करन ने कहा, “मुझे लगता है कि इंग्लैंड में चुनौतियां अलग होंगी। हमारे पास उनके खिलाफ अपनी रणनीति होगी, हालांकि मैं यह दावा नहीं कर सकता कि वे योजनाएं पूरी तरह सटीक होंगी क्योंकि वह अभी बेहतरीन फॉर्म में हैं। अंत में, मैं केवल अपने कौशल को सही तरीके से लागू करने पर ध्यान केंद्रित करूँगा। इसमें कोई शक नहीं कि जो वह कर रहे हैं, वह बेहद खास है।”
स्पॉटलाइट संभालना होगा सबसे बड़ा चैलेंज
सैम करन ने वैभव सूर्यवंशी को एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि मैदान पर सफल होना एक बात है, लेकिन मैदान के बाहर मिलने वाली स्पॉटलाइट और भारी उम्मीदों को संभालना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। करन ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “भारत में एक भारतीय क्रिकेटर होना, शायद दुनिया में किसी भी अन्य जगह से कहीं ज्यादा बड़ा है। मुझे लगता है कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह इस दबाव को कैसे संभालते हैं। वह अभी एक-दो आईपीएल सीजन खेले हैं और सीधे भारतीय टीम में आ गए हैं। मुझे यकीन है कि उनके आसपास ऐसे लोग होंगे जो उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उतार-चढ़ाव क्रिकेट का हिस्सा हैं
करन ने वैभव को सलाह देते हुए कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें वर्तमान पलों का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने हंसी-मजाक के अंदाज में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “जब मैं 15 साल का था, तब मैं सरे (Surrey) के इनडोर स्कूल में बस अभ्यास कर रहा होता था।” उन्होंने मुस्कुराते हुए अपनी बात समाप्त की और कहा कि वह चाहते हैं कि वैभव अपनी अपार क्षमता को हासिल करें और भविष्य में एक बड़े खिलाड़ी बनें, लेकिन उम्मीद जताई कि उनका शानदार प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ न हो।
वैभव सूर्यवंशी का सफर न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए एक मिसाल बन चुका है। जिस तरह से दिग्गज खिलाड़ी उनकी सराहना कर रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में वैभव भारतीय बल्लेबाजी की नई धुरी बनने की क्षमता रखते हैं। इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन देखने के लिए पूरी दुनिया बेताब है।