दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और CJP प्रदर्शन के बीच क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल ने प्रतिक्रिया दी है। सचिन ने कहा कि शॉर्टकट के बजाय योग्यता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के कारण पैदा हुए संकट को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन जारी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और युवा स्टार शुभमन गिल ने अपनी आवाज उठाई है। दोनों क्रिकेटरों ने छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, आपसी सम्मान और दीर्घकालिक व विचारपूर्ण समाधान खोजने की आवश्यकता पर बल दिया है।
NEET-UG 2026 रद्द होने से भड़का असंतोष: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
NEET-UG 2026 परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और पेपर लीक के बाद परीक्षा के रद्द होने से देश भर के लाखों परीक्षार्थी और अभिभावक गहरे सदमे में हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा दोबारा परीक्षा कराने के फैसले और इस पूरी घटना से जुड़े तनाव के कारण देश में 20 से अधिक छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाने की खबरें सामने आई हैं।
- CJP का आंदोलन: इस माहौल के बीच सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राजधानी दिल्ली में अहिंसक धरने की शुरुआत की।
- प्रमुख मांगें: प्रदर्शनकारी छात्र और CJP शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
- CBI जांच: हालांकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले की गहन जांच कर रही है और केंद्र सरकार ने छात्रों को जल्द से जल्द समाधान का भरोसा दिया है।
“परिणाम से ज्यादा प्रयास को दें महत्व”: सचिन तेंदुलकर ने साझा की पिता की सीख
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा और भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने अपने पिता, जो स्वयं एक प्रोफेसर थे, के विचारों को याद करते हुए समाज को एक गहरा संदेश दिया।
“मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे कई युवा छात्रों के गुरु और मार्गदर्शक थे। उन्होंने जो एक सीख मुझे बचपन में दी थी, वह थी— ‘असफलता ठीक है, लेकिन धोखाधड़ी (चीटिंग) नहीं। कभी भी शॉर्टकट न अपनाएं।’ समाज के वयस्कों के रूप में, हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम सही संस्कृति का निर्माण करें। जो समाज प्रयास के बजाय केवल परिणाम को प्राथमिकता देता है, वह योग्यता के बजाय शॉर्टकट की तलाश करेगा। आज जब छात्र इस बात से निराश हैं कि उनकी कड़ी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिला, तो उनका यह दर्द पूरी तरह से समझ में आता है।”
— सचिन तेंदुलकर (पूर्व भारतीय क्रिकेटर)
“युवा भारत हमारी सफलता का ईंधन है”: समाधान की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान
सचिन तेंदुलकर ने देश के प्रशासन, माता-पिता, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे छात्रों के टूटे हुए विश्वास को फिर से बहाल करने के लिए एकजुट हों।
- सामूहिक जिम्मेदारी: तेंदुलकर ने कहा कि माता-पिता, शिक्षक, स्कूल, रिश्तेदार और प्रशासक—सभी की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को हतोत्साहित न होने दें और उनके सपनों को ऊर्जा दें।
- योग्यता और ईमानदारी की जीत: उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहाँ कड़ी मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और केवल योग्यता (Merit) की जीत हो।
- भविष्य की सुरक्षा: सचिन ने विश्वास व्यक्त किया कि पूरा देश मिलकर एक ऐसा समाधान निकालेगा जो बच्चों के भविष्य को मजबूत करेगा और उनकी आकांक्षाओं की रक्षा करेगा।
NEET विवाद केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की साख से जुड़ा विषय बन चुका है। सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल जैसे राष्ट्रीय नायकों द्वारा छात्रों के समर्थन में आने से यह स्पष्ट है कि समाज को केवल आंकड़ों और नतीजों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं के संघर्ष, उनकी मेहनत और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी।