मैच फिक्सिंग विवाद में सह-मालिक मनजोत कालरा की गिरफ्तारी और वित्तीय चूक के बाद LPL आयोजकों ने जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी का अनुबंध समाप्त कर पूरा नियंत्रण अपने हाथों में लिया।
लंका प्रीमियर लीग (LPL 2026) के आयोजकों ने टूर्नामेंट की सबसे सफल और गत विजेता फ्रेंचाइजी जाफना किंग्स (Jaffna Kings) के मालिकों के साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया है। इसके बाद फ्रेंचाइजी का पूरा नियंत्रण सीधे टूर्नामेंट आयोजकों और श्री लंका क्रिकेट (SLC) के हाथों में आ गया है। इस बड़े फैसले का उद्देश्य LPL 2026 सीजन के दौरान खिलाड़ियों और मैचों पर बिना किसी रुकावट के प्रतियोगिता को सुचारू रूप से संचालित करना है।
सह-मालिक मनजोत कालरा की मैच फिक्सिंग में गिरफ्तारी और मालिकी रद्द होने की मुख्य वजहें
यह प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई जाफना किंग्स के सह-मालिक और भारत के पूर्व अंडर-19 बल्लेबाज मनjot कालरा (Manjot Kalra) की गिरफ्तारी के ठीक एक हफ्ते के भीतर हुई है।
- मैच फिक्सिंग का संदेह: LPL 2026 के शुरुआती दिन श्रीलंका पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंस रिलेटिंग टू स्पोर्ट्स ने फिक्सिंग के संदेह में मनजोत कालरा को गिरफ्तार किया था। कालरा ने उद्यमी मयंक गोयल के साथ मिलकर इस फ्रेंचाइजी के अधिकार खरीदे थे।
- वित्तीय प्रतिबद्धताओं में विफलता: हालांकि, टूर्नामेंट के राइट्स होल्डर IPG (इनोवेटिव प्रोडक्शन ग्रुप) ने स्पष्ट किया कि अनुबंध रद्द करने का मुख्य तकनीकी कारण फ्रेंचाइजी मालिकों द्वारा अपनी वित्तीय देनदारियों और प्रतिबद्धताओं (Financial Obligations) को समय पर पूरा न कर पाना है।
IPG और श्रीलंका क्रिकेट ने संभाला पूरा संचालन: खिलाड़ियों और स्टाफ के अनुबंध सुरक्षित
अनुबंध समाप्त होने के बाद, जाफना किंग्स फ्रेंचाइजी के सभी स्वामित्व अधिकार तुरंत प्रभाव से IPG के पास वापस आ गए हैं। IPG ने श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के साथ मिलकर टीम का पूर्ण परिचालन (Operational) और वित्तीय उत्तरदायित्व अपने हाथों में ले लिया है।
आयोजकों ने आधिकारिक बयान जारी कर यह सुनिश्चित किया है कि:
- टीम का नाम और दस्ता: डिफेंडिंग चैंपियन टीम आगे भी ‘जाफना किंग्स’ नाम से ही खेलेगी। खिलाड़ियों के दस्ते (Squad), मैच शेड्यूल या टूर्नामेंट फॉर्मेट में कोई बदलाव नहीं होगा।
- अनुबंध और रसद: खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ के सभी अनुबंधों की पूरी जिम्मेदारी IPG और SLC ने ले ली है। टीम के ठहरने और यात्रा की सभी व्यवस्थाएं (Logistics) सुरक्षित कर ली गई हैं।
- 90% बकाया भुगतान जारी: IPG ने पुष्टि की है कि खिलाड़ियों और टीम स्टाफ के लगभग 90 प्रतिशत देय भुगतानों को पहले ही प्रोसेस किया जा चुका है, और बाकी बची राशि का भुगतान संविदात्मक प्रतिबद्धताओं के अनुसार किया जाएगा।
“हालांकि यह एक कठिन फैसला था, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा लंका प्रीमियर लीग की अखंडता (Integrity) की रक्षा करना और हमारे खिलाड़ियों, कोचों, भागीदारों और प्रशंसकों के लिए पूर्ण स्थिरता सुनिश्चित करना रही है। हम सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि LPL का छठा संस्करण योजना के अनुसार आगे बढ़ेगा।”
— IPG (आधिकारिक बयान)
निष्पक्षता और खेल की शुचिता बनाए रखने पर जोर
श्रीलंका क्रिकेट और लीग आयोजकों का यह त्वरित कदम यह दर्शाता है कि वे खेल में भ्रष्टाचार, फिक्सिंग या वित्तीय अनियमितताओं के प्रति शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहे हैं। इस कदम से न केवल खिलाड़ियों के आर्थिक हित सुरक्षित हुए हैं, बल्कि प्रशंसकों के बीच प्रतियोगिता की साख भी बनी हुई है।
अध्यक्षता और स्वामित्व में आए इस बड़े बदलाव के बावजूद जाफना किंग्स बिना किसी प्रशासनिक बाधा के LPL 2026 में अपना अभियान जारी रखेगी। IPG और SLC द्वारा पूर्ण नियंत्रण संभालने से यह स्पष्ट हो गया है कि मैदान के बाहर के विवादों का असर मैदान के अंदर के खेल पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।