रोहित शर्मा पर बढ़ा दबाव! इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में फ्लॉप होने पर BCCI उन्हें टीम से ड्रॉप करने की तैयारी में है। जानिए यशस्वी जायसवाल के बैकअप प्लान और रोटेशन पॉलिसी की पूरी डिटेल।
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के लिए इंग्लैंड के खिलाफ आज (मंगलवार) से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स, विशेष रूप से ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ (The Times of India) की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शर्मा इस समय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के भारी दबाव में हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एक बड़ा और कड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। यदि रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ इन तीन मैचों में बल्ले से कोई बड़ा कमाल करने में नाकाम रहते हैं, तो बीसीसीआई उन्हें वनडे टीम से ड्रॉप (बाहर) करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
रोटेशन पॉलिसी और बैकअप की तैयारी: सीनियर खिलाड़ियों पर गिरेगी गाज!
रिपोर्ट के अनुसार, टीम प्रबंधन अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक सख्त और स्पष्ट रणनीति पर काम कर रहा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में प्रबंधन का मानना है कि रोहित शर्मा, केएल राहुल और यहाँ तक कि विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी साल भर ‘सीमित’ सफेद गेंद (White-ball) की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं। ऐसे में आईसीसी टूर्नामेंटों और भविष्य की चुनौतियों के लिए टीम के पास हर स्थान पर मजबूत बैकअप विकल्प तैयार होने चाहिए।
इसी रणनीति के तहत, सीनियर खिलाड़ियों को मानसिक रूप से इस बात के लिए ‘तैयार’ रहने को कहा गया है कि उन्हें भविष्य में प्लेइंग इलेवन (Playing 11) से बाहर (Rotate) किया जा सकता है, ताकि युवाओं को आजमाया जा सके। इस रोटेशन पॉलिसी को पिछले महीने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में ही लागू किया जाना था, जहाँ रोहित शर्मा को आराम दिया जाना तय था और नियमित कप्तान शुभमन गिल के साथ यशस्वी जायसवाल को ओपनिंग करने का मौका मिलना था। हालांकि, आखिरी समय पर रणनीतिक बदलाव हुआ, शुभमन गिल नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हो गए और रोहित ने जायसवाल के साथ पारी की शुरुआत की।
यशस्वी जायसवाल का शानदार फॉर्म और रोहित शर्मा के विकल्प की तलाश
जिम्बाब्वे के खिलाफ उस मुकाबले में युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने एक बेहतरीन शतक जड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। जायसवाल का यह शानदार प्रदर्शन उन्हें गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले टीम प्रबंधन की भविष्य की योजनाओं में ‘मजबूती’ के साथ बनाए रखता है। क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि यदि इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में रोहित शर्मा के फॉर्म में कोई गिरावट आती है, तो जायसवाल को मुख्य सलामी बल्लेबाज के तौर पर टीम में स्थापित करने में प्रबंधन देर नहीं लगाएगा।
यह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि क्या विराट कोहली पर भी टीम से बाहर होने का ऐसा ही दबाव है या नहीं। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान शुभमन गिल ने रोहित और कोहली दोनों के अनुभव और खेल की समझ की जमकर तारीफ की थी, लेकिन उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का विशेष रूप से उल्लेख किया। गिल ने बताया कि वे केवल कोहली के साथ मिलकर ही 2027 वनडे वर्ल्ड कप के रोडमैप और टीम कॉम्बिनेशन पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं, जिससे संकेत मिलते हैं कि कोहली प्रबंधन की लंबी रेस के घोड़े हैं, जबकि रोहित के लिए समय कम बचा है।
सीरीज की शुरुआत से ही रन बनाने का दबाव: इंग्लैंड में रोहित के शानदार आंकड़े
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि टीम प्रबंधन चाहता है कि 39 वर्षीय रोहित शर्मा सीरीज के आखिरी मैच में फॉर्म तलाशने के बजाय पहले ही मुकाबले से आक्रामक और मजबूत शुरुआत करें। रोहित के लिए राहत की बात यह है कि इंग्लैंड की धरती पर उनके बल्लेबाजी आंकड़े बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहे हैं, जो उन्हें इस कठिन समय में मानसिक संबल दे सकते हैं।
इंग्लैंड में रोहित शर्मा के एकदिवसीय रिकॉर्ड (ODI Stats in England) पर नजर डालें तो उन्होंने वहां की परिस्थितियों में जबरदस्त सफलता हासिल की है:
- कुल रन: रोहित ने इंग्लैंड में अब तक 1,428 वनडे रन बनाए हैं।
- बल्लेबाजी औसत: इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 64.91 का रहा है, जो किसी भी विदेशी बल्लेबाज के लिए बेमिसाल है।
- स्ट्राइक-रेट: वे 90.78 के शानदार स्ट्राइक-रेट से रन बनाने में सफल रहे हैं।
- शतक: इंग्लैंड की पिचों पर रोहित के बल्ले से 7 शानदार शतक निकले हैं।
हालांकि ये आंकड़े रोहित के पक्ष में हैं, लेकिन वर्तमान फॉर्म और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए चयनकर्ता अब इतिहास के बजाय वर्तमान प्रदर्शन को तवज्जो दे रहे हैं। ऐसे में रोहित शर्मा के लिए यह इंग्लैंड सीरीज केवल एक द्विपक्षीय सीरीज नहीं, बल्कि उनके वनडे करियर के भविष्य का फैसला करने वाली अग्निपरीक्षा साबित होने जा रही है।