इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले बर्मिंघम में विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच कोई बातचीत देखने को नहीं मिली। जानिए क्या है पूरी खबर और टीम इंडिया का अभ्यास अपडेट।
भारत और इंग्लैंड के बीच पहले वनडे मुकाबले से ठीक पहले बर्मिंघम के मैदान पर टीम इंडिया के अभ्यास सत्र (Training Session) से एक बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभ्यास के दौरान दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच कोई बातचीत देखने को नहीं मिली, जिसने सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, किसी भी रिपोर्ट में दोनों के बीच किसी सीधे मतभेद या विवाद (Rift) का दावा नहीं किया गया है, लेकिन अभ्यास सत्र के दौरान उनके बीच सीधे संपर्क का न होना कई सवाल जरूर खड़े कर रहा है। यह सत्र टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि भारतीय टीम इस सीरीज के जरिए अपने सीमित ओवरों के खेल को एक नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।
गंभीर की खिलाड़ियों से लंबी चर्चा, पर कोहली के साथ दूरी!
रिपोर्ट्स के अनुसार, बर्मिंघम में हुए इस अभ्यास सत्र के दौरान कोच गौतम गंभीर काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने टीम के लगभग सभी प्रमुख खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ लंबा वक्त बिताया। गंभीर को भारतीय टीम के वनडे कप्तान शुभमन गिल के साथ पिच का मुआयना करते हुए और लंबी बातचीत करते हुए देखा गया। इसके अलावा, उन्होंने अनुभवी ओपनर रोहित शर्मा के साथ भी उनके बल्लेबाजी सत्र के बाद गहन चर्चा की। गंभीर ने बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों से भी तालमेल बिठाया, लेकिन इस पूरे समय के दौरान गंभीर और कोहली के बीच एक भी सीधा संवाद या बातचीत नहीं देखी गई। इस अभ्यास सत्र में पूरी वनडे टीम मौजूद थी, जिसमें गेंदबाज और बल्लेबाज दोनों शामिल थे।
हैमस्ट्रिंग चोट से वापसी के बाद कोहली का लंबा बैटिंग सेशन
विराट कोहली के लिए यह सीरीज बेहद अहम है क्योंकि वे हैमस्ट्रिंग की चोट (Hamstring Injury) के कारण पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ हुई वनडे सीरीज से बाहर रहे थे। चोट से पूरी तरह उबरने के बाद मैदान पर लौटे कोहली अभ्यास के दौरान अपनी लय हासिल करने के लिए बेहद गंभीर नजर आए। नेट्स पर उन्होंने एक बहुत लंबा और कठिन बल्लेबाजी सत्र बिताया। अपनी बल्लेबाजी पूरी करने के बाद कोहली ने कोच गंभीर के बजाय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के साथ काफी देर तक तकनीकी पहलुओं पर बातचीत की। अभ्यास सत्र बेहद व्यवस्थित रहा, जहाँ सभी खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ड्रिल्स में हिस्सा लिया। इस पूरे सत्र में श्रेयस अय्यर इकलौते ऐसे विशेषज्ञ बल्लेबाज रहे, जिन्होंने नेट्स पर बल्लेबाजी नहीं की।
आयरलैंड और इंग्लैंड से मिली हार के बाद वापसी की बड़ी चुनौती
भारतीय टीम के लिए यह वनडे सीरीज एक बड़े ‘रीसेट बटन’ (Reset) की तरह है। हाल के दिनों में भारत का सीमित ओवरों (White-ball) का अभियान बेहद निराशाजनक रहा है। टीम इंडिया को पहले आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबलों में 4-0 से क्लीन स्वीप की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। इस खराब प्रदर्शन के बाद पूरी टीम, विशेष रूप से मुख्य कोच गौतम गंभीर और सीनियर खिलाड़ियों पर अपनी साख बचाने और जीत की पटरी पर लौटने का भारी दबाव है। ऐसे में गंभीर और कोहली के बीच संवाद की कमी टीम के प्रशंसकों के मन में चिंता पैदा कर रही है।
क्या विराट कोहली फिर से बन रहे हैं ‘लीडरशिप ग्रुप’ का हिस्सा?
इन तमाम चर्चाओं के बीच, भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ा बयान देकर यह स्पष्ट किया कि विराट कोहली अभी भी टीम के मार्गदर्शक और लीडरशिप ग्रुप (Leadership Group) का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। गिल ने खुलासा किया कि आगामी 2027 वनडे वर्ल्ड कप के रोडमैप को तैयार करने में कोहली की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है। शुभमन गिल ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“वास्तव में, अभी परसों ही मैं उनके (कोहली) साथ 2027 वनडे वर्ल्ड कप की हमारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा कर रहा था। हमने टीम कॉम्बिनेशन, कौन से खिलाड़ी टीम का हिस्सा हो सकते हैं और जो खिलाड़ी इस समय टीम में नहीं हैं लेकिन भविष्य के लिए अहम हैं, उन्हें टीम सेटअप में कहाँ और कैसे फिट किया जाएगा, इन सभी महत्वपूर्ण रणनीतियों पर गहराई से बात की है।”
गिल के इस बयान से साफ है कि मैदान के बाहर भले ही गंभीर और कोहली के बीच दूरी की खबरें आ रही हों, लेकिन टीम के रणनीतिक फैसलों और भविष्य के रोडमैप में विराट कोहली का कद और अनुभव अभी भी टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा हथियार बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि बर्मिंघम की इस ‘खामोशी’ के बीच भारतीय टीम पहले वनडे में इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर कैसा प्रदर्शन करती है।