रिंकू सिंह की ऐतिहासिक पारी: मंगेतर प्रिया सरोज ने बताया क्यों यह जीत दिवंगत पिता के लिए थी खास।

रिंकू सिंह की ऐतिहासिक पारी: मंगेतर प्रिया सरोज ने बताया क्यों यह जीत दिवंगत पिता के लिए थी खास।

केकेआर के स्टार रिंकू सिंह ने लखनऊ के खिलाफ 83* रनों की पारी खेलकर जीत दिलाई। उनकी मंगेतर प्रिया सरोज ने बताया कि यह पारी उनके दिवंगत पिता को समर्पित है।

इकाना स्टेडियम में रविवार की रात रिंकू सिंह ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से तूफान मचाया, बल्कि एक ऐसी पारी खेली जो उनके जीवन की सबसे कठिन व्यक्तिगत क्षति की यादों से जुड़ी थी। मैच के बाद उनकी मंगेतर प्रिया सरोज ने खुलासा किया कि रिंकू का यह प्रदर्शन उनके दिवंगत पिता खानचंद सिंह को समर्पित था।

“ससुर जी के लिए खेली यह पारी”: प्रिया सरोज

रिंकू की मंगेतर प्रिया सरोज ने मैच के बाद अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा:

“हम बहुत खुश हैं। आज उन्होंने (रिंकू) खेला ही अपने पिता (मेरे ससुर जी) के लिए है। आज हम उन्हें बहुत याद कर रहे हैं और यह सब (जीत और प्रदर्शन) उन्हीं के लिए है।”

गौरतलब है कि रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का इसी साल की शुरुआत में ‘स्टेज-4 लीवर कैंसर’ से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया था। इस दुखद घड़ी में रिंकू को टी20 विश्व कप के दौरान भी कुछ समय के लिए ब्रेक लेकर अलीगढ़ जाना पड़ा था।

93/7 के स्कोर से खींची जीत की लकीर

मैच के दौरान एक समय केकेआर की टीम मात्र 93 रन पर 7 विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी। ऐसे समय में रिंकू सिंह ने मोर्चा संभाला और 51 गेंदों पर नाबाद 83 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने लगातार चार छक्के जड़कर टीम का स्कोर 155/7 तक पहुँचाया, जो अंत में मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

अपनी पारी के बारे में बात करते हुए रिंकू ने कहा, “जब मैं बल्लेबाजी करने गया, तब चार विकेट गिर चुके थे। मैं बस यही सोच रहा था कि खेल को अंत तक कैसे ले जाऊं। ढीली गेंदों पर प्रहार करना और स्कोरबोर्ड को चलाते रहना ही मेरी प्राथमिकता थी।”

सुनील नरेन के साथ ‘स्पेशल’ वीडियो कॉल

मैच खत्म होने के बाद रिंकू के परिवार ने टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील नरेन से वीडियो कॉल पर बात की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। टीम के साथी गेंदबाज वैभव अरोड़ा ने भी रिंकू की तारीफ करते हुए कहा, “हम यह मैच सिर्फ रिंकू की उस पारी की वजह से जीते हैं। अगर वह 155 तक नहीं पहुँचते, तो इस पिच पर लड़ना मुश्किल था।”

Related posts

भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज: विराट और जसप्रीत बुमराह की वापसी, शुभमन गिल संभालेंगे कमान

टी20 वर्ल्ड कप: भारत की हार के बाद मिताली राज का बड़ा सुझाव, कहा- हरमनप्रीत और जेमिमा को बदलना चाहिए बैटिंग ऑर्डर

आईपीएल 2026 का असर: करुण नायर बोले- घरेलू क्रिकेट की बदल गई है पूरी मानसिकता, अब सब आक्रामक खेलेंगे

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More