रवजोत सिंह ने बठिंडा सेंट्रल जेल का किया दौरा, नए नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन; कैदियों के पुनर्वास पर जोर

रवजोत सिंह ने बठिंडा सेंट्रल जेल का किया दौरा, नए नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन; कैदियों के पुनर्वास पर जोर

 

पंजाब के कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह ने बठिंडा सेंट्रल जेल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नए नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन किया। कैदियों के स्वास्थ्य और पुनर्वास पर जोर दिया।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह ने आज बठिंडा सेंट्रल जेल का दौरा कर जेल में उपलब्ध व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर में कैदियों के स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए स्थापित किए गए नए ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर (नशा मुक्ति केंद्र) का उद्घाटन किया। मंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए कैदियों के उपचार और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

बठिंडा सेंट्रल जेल में नए नशा मुक्ति केंद्र की शुरुआत

रवजोत सिंह ने जेल परिसर में स्थापित नए नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे बंदियों को उपचार और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुधार और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए केंद्र के माध्यम से जेल में बंद ऐसे लोगों को नशे की लत से बाहर आने के लिए आवश्यक सहायता और सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

मंत्री ने केंद्र में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से उपचार एवं पुनर्वास प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि जरूरतमंद बंदियों को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और उचित तरीके से उपलब्ध हों।

कैदियों के सुधार और पुनर्वास पर विशेष जोर

दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ने जेल स्टाफ के साथ बैठक कर बंदियों के सुधार के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जेल व्यवस्था का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि बंदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सुधार और पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।

रवजोत सिंह ने जेल अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए परामर्श, शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा

मंत्री ने बठिंडा सेंट्रल जेल में बंदियों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से जेल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

नए ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित बंदियों को उपचार के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करना है।

जेल स्टाफ से सुधारात्मक उपायों पर चर्चा

रवजोत सिंह ने जेल स्टाफ के साथ बातचीत के दौरान बंदियों के सुधार के लिए व्यवहारिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को सकारात्मक माहौल देना और उन्हें समाज में दोबारा जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्थापित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और बंदियों की आवश्यकताओं के अनुसार सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

नशा मुक्ति और पुनर्वास की दिशा में कदम

बठिंडा सेंट्रल जेल में शुरू किया गया नया नशा मुक्ति केंद्र पंजाब में नशे की समस्या से निपटने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। जेलों में नशे की लत से प्रभावित बंदियों को उपचार और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने से उनके सुधार की प्रक्रिया को मजबूती मिल सकती है।

मंत्री रवजोत सिंह के जेल दौरे के दौरान स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और बंदियों के पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को जेल में उपलब्ध सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने और बंदियों के सुधार पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

 

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