Table of Contents
नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। जानिए इस मेगा प्रोजेक्ट पर कितना खर्च हो रहा है, VFX, मार्केटिंग और ग्लोबल रिलीज पर क्यों लगाया जा रहा है इतना बड़ा निवेश।
नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही यह फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है। भगवान श्रीराम की पौराणिक गाथा पर आधारित इस मेगा प्रोजेक्ट का इंतजार देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के भारतीय दर्शक भी कर रहे हैं। फिल्म के भव्य सेट, शानदार विजुअल्स, दमदार स्टारकास्ट और हाई-एंड वीएफएक्स ने ट्रेलर को लेकर लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। हालांकि ट्रेलर के साथ जिस एक बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है फिल्म का कथित 4,000 करोड़ रुपये का बजट। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक यही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या सचमुच ‘रामायण’ भारत की सबसे महंगी फिल्म बनने जा रही है? आइए जानते हैं इस बजट का पूरा गणित।
दो भागों में रिलीज होगी ‘रामायण’
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ‘रामायण’ एक अकेली फिल्म नहीं है। निर्देशक नितेश तिवारी इसे दो भागों में बना रहे हैं। पहला भाग दीवाली 2026 पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दीवाली 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। यानी यह एक बड़े फिल्म फ्रेंचाइज़ी प्रोजेक्ट के रूप में तैयार की जा रही है। यही वजह है कि फिल्म का कुल बजट दोनों भागों को मिलाकर देखा जा रहा है।
4,000 करोड़ रुपये का बजट कैसे बना?
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा पहले ही पुष्टि कर चुके हैं कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन यह पूरी राशि केवल फिल्म की शूटिंग पर खर्च नहीं हो रही है। इसमें दोनों फिल्मों का निर्माण, पोस्ट-प्रोडक्शन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), साउंड डिजाइन, इंटरनेशनल मार्केटिंग, वितरण, IMAX रिलीज और दुनियाभर में फिल्म को रिलीज करने की लागत भी शामिल है।
यानी 4,000 करोड़ रुपये केवल कैमरे के सामने शूटिंग का खर्च नहीं है, बल्कि अगले दो वर्षों तक इस मेगा फ्रेंचाइज़ी को वैश्विक स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने की पूरी योजना का बजट है।
VFX पर हो रहा सबसे बड़ा निवेश
अगर इस फिल्म के सबसे महंगे हिस्से की बात करें तो वह है विजुअल इफेक्ट्स (VFX)। ट्रेलर देखकर ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म में आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स का जिम्मा दुनिया की मशहूर कंपनी DNEG को सौंपा गया है।
DNEG वही ऑस्कर विजेता स्टूडियो है जिसने ‘Dune’, ‘Interstellar’, ‘Blade Runner 2049’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में शानदार VFX तैयार किए हैं। खास बात यह है कि DNEG, Prime Focus समूह का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व स्वयं निर्माता नमित मल्होत्रा करते हैं। ऐसे में दर्शकों को विश्वस्तरीय विजुअल अनुभव देने के लिए भारी निवेश किया जा रहा है।
मार्केटिंग और ग्लोबल रिलीज पर भी करोड़ों का खर्च
फिल्म का बजट केवल निर्माण तक सीमित नहीं है। ‘रामायण’ को भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में बड़े स्तर पर रिलीज करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए इंटरनेशनल मार्केटिंग कैंपेन, मल्टी-लैंग्वेज रिलीज, IMAX और प्रीमियम फॉर्मेट्स, प्रमोशनल इवेंट्स और डिजिटल प्रचार पर भी भारी खर्च किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी फिल्म को सफल बनाने के लिए मार्केटिंग पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होना स्वाभाविक है। यही कारण है कि कुल बजट का आंकड़ा 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है।
भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फ्रेंचाइज़ी बनने की तैयारी
यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार पूरी होती है, तो ‘रामायण’ भारतीय फिल्म इतिहास की सबसे महंगी और सबसे बड़ी फ्रेंचाइज़ी बन जाएगी। इससे पहले ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’, ‘कल्कि 2898 एडी’ और ‘आदिपुरुष’ जैसी फिल्मों के बड़े बजट की चर्चा हुई थी, लेकिन ‘रामायण’ का पैमाना इन सभी से कहीं बड़ा माना जा रहा है।
निर्माताओं का उद्देश्य केवल एक फिल्म बनाना नहीं, बल्कि भारतीय पौराणिक कथाओं को विश्वस्तरीय तकनीक और सिनेमाई अनुभव के साथ वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है।
दर्शकों की उम्मीदें चरम पर
‘रामायण’ का ट्रेलर सामने आने के बाद से दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फिल्म के किरदारों, संवादों, सिनेमैटोग्राफी और भव्यता की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। अब सभी की नजर 8 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाले पहले भाग पर टिकी है। यदि फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो यह न केवल भारतीय बॉक्स ऑफिस बल्कि वैश्विक फिल्म बाजार में भी नया इतिहास रच सकती है।
कुल मिलाकर, 4,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा केवल फिल्म की शूटिंग का खर्च नहीं, बल्कि दो फिल्मों के निर्माण, अत्याधुनिक VFX, वैश्विक मार्केटिंग, वितरण और अंतरराष्ट्रीय रिलीज की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यही वजह है कि ‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी और सबसे बड़ा फिल्म प्रोजेक्ट माना जा रहा है।