राम मंदिर में करोड़ों के चंदे की चोरी पर अरविंद केजरीवाल ने सरकार को घेरा। चंपत राय की भूमिका पर उठाए सवाल, FIR और निष्पक्ष जांच की मांग की।
अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चंदे और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने सवाल किया है कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
केजरीवाल का सीधा सवाल: “सरकार किसे बचा रही है?”
ਧਰਮ ‘ਤੇ ਸਿਆਸਤਾਂ ਕਰਨ ਵਾਲ਼ੇ ਪੁਰਾਣੇ ਸਾਥੀ, ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਬਾਦਲ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਨੂੰ ਢਾਹ ਲਗਾ ਰਿਹਾ ਤੇ ਭਾਜਪਾ ਸਨਾਤਨ ਨੂੰ!
ਰਾਮ ਮੰਦਰ ਵਿੱਚੋਂ ਕਰੋੜਾਂ ਦਾ ਚੰਦਾ ਚੋਰੀ ਹੋ ਗਿਆ। ਰਾਮ ਭਗਤਾਂ ਦੇ ਮਨਾਂ ‘ਚ ਭਾਰੀ ਗੁੱਸਾ ਵੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮਨ ‘ਚ ਅਨੇਕਾਂ ਸਵਾਲ ਵੀ। ਅੱਜ ਮੈਂ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸਵਾਲ ਪੁੱਛ ਰਿਹਾ ਹਾਂ:
ਮੰਦਰ ਦਾ ਪੂਰਾ ਕੰਟਰੋਲ ਚੰਪਤ… pic.twitter.com/ZjCJQhfxy4
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 23, 2026
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, और इसी पवित्र स्थान से करोड़ों रुपये के चंदे और गहनों की चोरी हो गई है। केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
- चंपत राय के पद पर सवाल: केजरीवाल ने चंपत राय की भूमिका पर सीधा संदेह जताते हुए कहा, “पूरा मैनेजमेंट चंपत राय के हाथों में है। इतनी बड़ी चोरी के बाद भी उन्हें हटाया क्यों नहीं गया? क्या उन्हें सबूत मिटाने या गवाहों को प्रभावित करने का समय दिया जा रहा है?”
- बड़े चेहरों के बेनकाब होने का डर: केजरीवाल ने इस मामले को केवल चोरी तक सीमित न रखते हुए एक बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय को बचाना यह दर्शाता है कि सरकार के भीतर कहीं न कहीं यह डर है कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला तो कई ‘बड़े चेहरे’ बेनकाब हो जाएंगे।
“बादल अकाली दल और भाजपा पर निशाना”
अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान राजनीति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले पुराने साथी” यानी बादल अकाली दल सिख धर्म को नुकसान पहुँचा रहा है और भाजपा सनातन धर्म को नुकसान पहुँचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर में हुई कथित चोरी से राम भक्तों के दिलों में भारी आक्रोश है।
निष्पक्ष जांच की मांग
आम आदमी पार्टी का तर्क है कि जब तक मामले में निष्पक्ष FIR दर्ज नहीं होगी और स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं कराई जाएगी, तब तक करोड़ों राम भक्तों को न्याय नहीं मिलेगा। पार्टी ने मांग की है कि इस पाप में शामिल लोग चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें तत्काल पद से हटाकर जेल भेजा जाना चाहिए।