राजस्थान में प्री-एम्बेडेड मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी से खनन कार्य में तेजी आएगी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा।
राजस्थान अब देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी में प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स की प्रक्रिया को लागू करेगा। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में खनन एवं भूविज्ञान विभाग ने इन ब्लॉक्स की नीलामी के लिए रास्ता खोल दिया है। यह पहल राजस्थान को खनन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और खनिज संसाधनों के सही उपयोग की दिशा में एक अहम कदम है।
प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स की नीलामी से राजस्थान को मिलेगा एक नई दिशा
प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होनी वाली है, जिससे राजस्थान देश का पहला राज्य बनेगा, जो इन ब्लॉक्स की नीलामी करेगा। इस प्रक्रिया से खनन कार्य में तेजी आएगी और राजस्थान में खनिजों का उत्पादन शीघ्र प्रारंभ होगा। राज्य सरकार अगले 20 दिनों के भीतर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के प्रयास कर रही है, जिससे ई-नीलामी के लिए निविदा सूचना जारी की जा सके।
केंद्रीय सरकार का समर्थन और राजस्थान के प्रयास
राजस्थान के खान विभाग के प्रमुख सचिव श्री टी. रविकांत ने बताया कि राज्य ने पहले से ही जरूरी अनुमतियां प्राप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और अब नीलामी की तैयारी में तेजी लाई जा रही है। अन्य राज्यों के मुकाबले राजस्थान में इन अनुमतियों के लिए काफी कम समय में प्रक्रिया पूरी हो रही है, जो निवेश, रोजगार और राजस्व के लिए फायदेमंद होगा।
केंद्रीय खान मंत्रालय ने एमएमडीआर एक्ट में संशोधन कर सभी राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर पांच-पांच प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे खनन कार्य जल्दी शुरू हो सकेगा और नीलामी से अधिक राजस्व मिलेगा।
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प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स क्या होते हैं?
प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स वह खनिज ब्लॉक्स होते हैं, जिनकी नीलामी से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ली जाती हैं। इससे नीलामी के बाद खनन कार्य शुरू करने में कोई समय बर्बाद नहीं होता, और खनन कार्य जल्द शुरू हो सकता है। इसके साथ ही यह नीलामी से अधिक राजस्व, निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।
खनिज ब्लॉक्स की नीलामी के बाद आवश्यक अनुमतियां
खनिज ब्लॉक्स की नीलामी के बाद, चयनित बिडर को खनन कार्य शुरू करने से पहले निम्नलिखित अनुमतियां प्राप्त करनी होती हैं:
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आईबीएम: खनन योजना का अनुमोदन
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वन विभाग: वन स्वीकृति
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पर्यावरण विभाग: टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR), पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (EIA) रिपोर्ट और जिला कलेक्टर के कार्यालय में जनसुनवाई, फिर पर्यावरण अनुमति
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: कंसेट टू ऑपरेट (CTO) और कंसेट टू एस्टाबलिश (CTE)
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राजस्व विभाग: चरागाह भूमि होने पर राजस्व विभाग से अनुमति
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विविध: अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ
राजस्थान में प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स से खनन कार्य में तेजी आएगी
श्री रविकांत ने बताया कि राजस्थान में प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं, और जल्द ही बाकी अनुमतियाँ प्राप्त की जाएंगी। राजस्थान देश का पहला राज्य बन सकता है, जो इन ब्लॉक्स की नीलामी करेगा। इससे खनन कार्य तुरंत शुरू हो सकेगा और राज्य के आर्थिक विकास में तेजी आएगी।