राजस्थान में ‘नव विधान – न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का शुभारंभ, तीन नए आपराधिक कानूनों से आपराधिक न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव

राजस्थान में ‘नव विधान – न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का शुभारंभ, तीन नए आपराधिक कानूनों से आपराधिक न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव

राजस्थान में ‘नव विधान – न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का शुभारंभ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों से न्याय प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव का किया दावा।

राजस्थान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘नव विधान – न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 160 साल पुराने आपराधिक कानूनों को खत्म कर भारत में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे तीन नए आधुनिक कानून लागू किए गए हैं। ये तीनों कानून 21वीं सदी के सबसे बड़े रिफॉर्म्स माने जा रहे हैं जो दण्ड के बजाय न्याय पर केंद्रित हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इन नए कानूनों की पूरी तरह से क्रियान्विति से राजस्थान की आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा सुधार आएगा, जिससे न्याय प्रक्रिया और अधिक त्वरित और सुलभ बनेगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में नए कानून लागू होने के बाद सजा दिलाने की दर 42% से बढ़कर 60% हो गई है, और इसे 90% तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

राइजिंग राजस्थान समिट के निवेशों की ग्राउंड ब्रेकिंग

अमित शाह ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत प्राप्त 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से तीन लाख करोड़ रुपये का कार्य पहले ही धरातल पर शुरू हो चुका है। इसके अलावा, करीब 4 लाख करोड़ रुपये का भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने इस उपलब्धि को राजस्थान के विकास के लिए बहुत बड़ी प्रगति बताया।

न्याय प्रणाली में सुधार और पीड़ितों के अधिकारों को मिली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों से देश को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त कर पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को इन नए कानूनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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ईज ऑफ जस्टिस में हुआ बड़ा बदलाव

अमित शाह ने बताया कि नए कानूनों में ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर जैसे प्रावधान शामिल हैं और 7 साल से अधिक सजा वाले अपराधों में फोरेंसिक जांच को अनिवार्य किया गया है। आतंकवाद, मॉब लिंचिंग, डिजिटल अपराधों के लिए भी पहली बार स्पष्ट परिभाषाएं दी गई हैं।

राजस्थान की पुलिस व्यवस्था में आधुनिकता और सशक्तिकरण

राजस्थान सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए एंटी गैंगस्टर और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है। साथ ही, 22 नए थाने और 35 नई चौकियां स्थापित की गई हैं। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए 65 एंटी रोमियो स्क्वाड, तीन महिला बटालियन, और 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स भी बनाई गई हैं।

किसान और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से अपनी दलहन फसलों का पंजीकरण कर एमएसपी पर लाभ लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने आम जनता से दीपावली के दौरान स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करने का आह्वान किया।

आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली की दिशा में राजस्थान

राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्रणाली अधिक गतिशील और आधुनिक बनेगी। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने भी कहा कि राजस्थान पुलिस इन कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।

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