AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा पर सीएम भगवंत मान और आतिशी ने निशाना साधा। गंभीर मुद्दों पर चुप रहने को लेकर उठे सवाल।
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसद ने गंभीर मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। सीएम मान ने विशेष रूप से कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने और गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मामलों पर चड्डा ने कोई आवाज नहीं उठाई, बल्कि संसद की कैंटीन में समोसे महंगे होने और पिज्जा डिलीवरी में देरी जैसे मामूली मुद्दों पर ध्यान दिया।
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सीएम मान ने यह भी स्पष्ट किया कि जब सांसद गंभीर मुद्दों पर वॉकआउट या विरोध नहीं करते हैं, तो यह व्हिप का उल्लंघन माना जाता है और इसके लिए बाद में कार्रवाई की जाती है। उन्होंने राघव चड्डा को कम्प्रोमाइज्ड बताते हुए कहा कि वह पीएम मोदी की गोद में बैठे हैं और देशहित के बड़े मुद्दों पर बोलने से पीछे हटते हैं।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता आतिशी ने भी राघव चड्डा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सांसद ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया और एलपीजी संकट जैसे आम लोगों के मुद्दों पर बोलने से भी परहेज़ किया। आतिशी ने बताया कि पार्टी ने चड्डा को संदेह का लाभ दिया था, लेकिन वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर कभी सक्रिय नहीं हुए।
राघव चढ्ढा जी से मेरे कुछ सवाल . pic.twitter.com/NNMyXYXijs
— Atishi (@AtishiAAP) April 3, 2026
इसके पहले, सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह जैसे AAP नेताओं ने भी राघव चड्डा पर हमला बोला और उनके राजनीतिक रवैये को आलोचना का विषय बनाया।
आतिशी ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा उपनेता पद से हटाने का निर्णय किसी दोस्ती या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि पार्टी की प्रक्रियाओं और लोकतंत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
AAP के भीतर चल रहे इस विवाद ने पार्टी और राज्यसभा सांसद के बीच तलवारें खिंचने का स्वरूप ले लिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राघव चड्डा इस विवाद से बाहर निकलने और जनता के मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को कैसे प्रस्तुत करेंगे।