पंजाब सरकार ने 1,070 खिलाड़ियों को 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि दी। महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार और खेल बजट पर सीएम मान ने की बड़ी घोषणा।
पंजाब सरकार ने खेल जगत में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य के 1,070 पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया है। चंडीगढ़ में आयोजित ‘महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार’ और नकद पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। इस कार्यक्रम में कुल 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि खिलाड़ियों को वितरित की गई, जिससे लंबे समय से लंबित पुरस्कारों का बैकलॉग भी साफ हो गया है।
खिलाड़ियों का सम्मान: ‘महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार’ और नकद प्रोत्साहन
My best wishes to all the players. May you continue to bring glory to Punjab and India. Punjab Govt stands strongly behind you. https://t.co/BOZfjbLp5z
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 24, 2026
इस भव्य समारोह में 2019 से 2023 तक के 87 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित ‘महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार’ से नवाजा गया। इसके अलावा, खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 1,070 पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए। सम्मान पाने वालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल और अमनजोत कौर जैसी दिग्गज खिलाड़ी शामिल रहीं, जिन्हें 1.5-1.5 करोड़ रुपये की राशि दी गई। साथ ही, पैरा-पावरलिफ्टर परमजीत सिंह को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 55 लाख रुपये से सम्मानित किया गया।
खेल संस्कृति को बढ़ावा: पंजाब सरकार का ऐतिहासिक बजट
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार खेलों को नशा-मुक्त पंजाब अभियान के साथ जोड़कर देख रही है। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 2026-27 के लिए 1,763 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। इस पहल के तहत राज्य में 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिस पर 1,300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब ने न केवल ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को 1-1 करोड़ रुपये दिए हैं, बल्कि योग्य खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी प्रदान की हैं। साथ ही, 220 खिलाड़ियों को टूर्नामेंट की तैयारी के लिए 8.61 करोड़ रुपये की सहायता पहली बार दी गई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पंजाब पहली बार ‘एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी’ की मेजबानी करेगा, जिसमें भारत-पाकिस्तान का बहुप्रतीक्षित मुकाबला ‘पंजाब दिवस’ पर खेला जाएगा।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प
अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की सरकार ने खेलों को शिक्षा और स्वास्थ्य के समान ही प्राथमिकता दी है। सरकार का मानना है कि गांवों के स्तर पर बुनियादी ढांचे के निर्माण और पारदर्शी चयन प्रक्रिया से पंजाब के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। पहले की सरकारों में खेल संघों पर राजनीति हावी होने का आरोप लगाते हुए, वर्तमान सरकार ने आम खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर देने की नीति अपनाई है। इस नई खेल नीति और बढ़ते निवेश से पंजाब अब देश के उभरते हुए ‘स्पोर्ट्स पावरहाउस’ के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।