दिल्ली के दक्षिणपुरी में 5,000 लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने भीषण जल संकट पर भाजपा सरकार को घेरा, कहा- “राजधानी का यह हाल शर्मनाक”।
दिल्ली की राष्ट्रीय राजधानी में भीषण जल संकट ने अब विकराल रूप ले लिया है। दक्षिण दिल्ली के दक्षिणपुरी स्थित ब्लॉक 10 के करीब 5,000 निवासी पिछले एक महीने से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। भीषण गर्मी और लू के इस दौर में पानी की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कामकाजी महिलाएं अपनी स्वच्छता बनाए रखने के लिए अपने कार्यस्थलों पर जाकर नहाने को मजबूर हैं। इस भयावह स्थिति पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
“क्या यही है चार इंजन वाली सरकार का विकास?”: अरविंद केजरीवाल का प्रहार
किस ने सोचा था कि एक दिन देश की राजधानी का ये हाल होगा। https://t.co/qGeQQ1dF49
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 24, 2026
अरविंद केजरीवाल ने इस संकट के लिए भाजपा की केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि किसने सोचा था कि एक दिन देश की राजधानी का पानी की कमी के कारण यह हाल हो जाएगा? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में दिल्ली एक बार फिर भीषण जल संकट की चपेट में है। केजरीवाल ने कहा कि हालात इतने बदतर हो गए हैं कि हजारों लोग महीने भर से पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने इसे अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कहा कि कामकाजी महिलाएं अपनी गरिमा दांव पर लगाकर अपने दफ्तरों में नहाने को विवश हैं।
प्रशासन की विफलता और बदहाल स्थिति
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणपुरी के कई ब्लॉकों में स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग घंटों लंबी कतारों में लगने के बाद भी पीने का साफ पानी नहीं जुटा पा रहे हैं। एक मंदिर के बाहर लगे एकमात्र नल को ही हजारों लोगों की जीवनरेखा माना जा रहा है, जो दिन में बस थोड़ी देर के लिए चलता है। वहां भी अक्सर गंदा और काला पानी आता है, जिसे लोग मजबूरी में सफाई या अन्य घरेलू उपयोग के लिए जमा करने को विवश हैं।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछली बार भी जल संकट हुआ था, लेकिन इस बार सरकार की नाकाम नीतियों ने जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को उनकी बुनियादी जरूरतों के लिए तरसाने वाली यह सरकार अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह भाग रही है। आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस स्थिति पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा के शासन में दिल्ली की नागरिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।