पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं तक Artificial Intelligence (AI) को अनिवार्य विषय बनाया गया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि 15 दिनों में किताबें वितरित की जाएंगी।
पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अनिवार्य (कोर) विषय के रूप में शामिल करने की घोषणा की है। पंजाब देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने स्कूल स्तर पर इतने व्यापक पैमाने पर AI पाठ्यक्रम को लागू किया है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस ऐतिहासिक पहल की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर छात्रों को AI की नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
“चीन और दक्षिण कोरिया जैसी सोच की जरूरत” – हरजोत सिंह बैंस
ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਰਚਿਆ ਇਤਿਹਾਸ – ਸਕੂਲੀ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿੱਚ ਲਾਜ਼ਮੀ ਵਿਸ਼ੇ ਵਜੋਂ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੀ ਏ.ਆਈ.
ਸਿੱਖਿਆ ਮੰਤਰੀ @harjotbains ਨੇ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਵੇਰਵੇ
🔸 ਪਹਿਲੀ ਤੋਂ ਬਾਹਰਵੀਂ ਜਮਾਤ ਤੱਕ ਲਾਜ਼ਮੀ ਵਿਸ਼ੇ ਵਜੋਂ ਹੋਵੇਗੀ ਏ.ਆਈ. ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ
🔸 ਚੀਨ ਅਤੇ ਦੱਖਣ ਕੋਰੀਆ ਵੱਲੋਂ ਏ.ਆਈ. ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਤਰਜੀਹ ‘ਤੇ ਪਾਈ ਰੌਸ਼ਨੀ
🔸… pic.twitter.com/wgV3wJ3tT2— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 22, 2026
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने वैश्विक परिदृश्य का हवाला दिया और कहा कि विकसित देश बहुत पहले से अपने बच्चों को भविष्य की तकनीक से जोड़ रहे हैं।
“दुनिया तेजी से बदल रही है। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने अपनी स्कूली शिक्षा में AI को बहुत पहले ही प्राथमिकता दे दी थी। अगर भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी है, तो हमारे सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी वही आधुनिक तकनीक सीखनी होगी। पंजाब के बच्चे अब वही पढ़ेंगे जो विकसित देशों के छात्र पढ़ रहे हैं।”
बैंस ने यह भी बताया कि तकनीक में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए पंजाब में AI पाठ्यक्रम को हर छह महीने में अपडेट किया जाएगा, ताकि छात्रों को हमेशा नवीनतम तकनीक की जानकारी मिले।
दिल्ली में आयोजित AI समिट का जिक्र कर केंद्र पर साधा निशाना
दिल्ली में आयोजित AI समिट पर बात करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा में आधुनिक तकनीकों और एआई को बढ़ावा देने के केवल बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्कूली छात्रों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाती।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार बातें ही करती रह गई, तब पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक साल की कड़ी मेहनत के बाद इसे अपने सरकारी स्कूलों में हकीकत में बदल कर दिखाया है।
पाठ्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
- कक्षा 1 से 5वीं तक: बच्चों को एआई के जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग (Responsible AI) के बारे में सिखाया जाएगा।
- उच्च कक्षाएं (6वीं से 12वीं): फाउंडेशन AI, एआई स्किल्स, कोडिंग, इनोवेशन और इसके व्यावहारिक प्रयोग पर विशेष ध्यान रहेगा।
- प्रमाणपत्र और ट्रेनिंग: कोर्स पूरा करने पर छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा जो उन्हें उच्च शिक्षा और नौकरियों में बढ़त दिलाएगा। इसके अलावा शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए लाइव ऑनलाइन क्लास और ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे।