Jantar Mantar Student Protest: “तानाशाही के खिलाफ डटे हैं बच्चे…”; जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला

Jantar Mantar Student Protest: "तानाशाही के खिलाफ डटे हैं बच्चे..."; जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा कि छात्र तानाशाही के सामने मजबूती से खड़े हैं और हम इस लड़ाई में उनके साथ हैं।

NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का हौसला बढ़ाने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पहुंचे। आंदोलनकारी युवाओं और छात्रों के बीच पहुंचकर केजरीवाल ने केंद्र सरकार के कड़े रुख और पुलिस कार्रवाई पर तीखा प्रहार किया।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये बच्चे किसी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य और देश में शिक्षा व्यवस्था के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

“बर्बरता के बावजूद बच्चों के हौसले बुलंद” — केजरीवाल

जंतर-मंतर से लौटने के बाद अरविंद केजरीवाल ने छात्रों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा:

“मैं अभी जंतर-मंतर से लौट रहा हूँ। ये बच्चे अपने अधिकारों और अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। कल ही इन्होंने सरकार की बर्बरता का सामना किया है, लेकिन इसके बावजूद इनके हौसले पूरी तरह से बुलंद हैं। आज तानाशाही के सामने भी ये बच्चे सीना ताने मजबूती से खड़े हैं।”

“छात्रों को अकेला नहीं छोड़ेंगे, हर कदम पर साथ हैं”

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में युवाओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती। उन्होंने छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया कि आम आदमी पार्टी और उनका कानूनी व सामाजिक तंत्र हर स्थिति में छात्रों के पीछे खड़ा है।

  • मुफ़्त कानूनी और मेडिकल मदद: केजरीवाल ने कहा कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए या मुकदमे का सामना कर रहे किसी भी छात्र को घबराने की जरूरत नहीं है। AAP की लीगल टीम लगातार छात्रों को कानूनी सुरक्षा दे रही है।
  • आंदोलन को मिला नैतिक बल: जंतर-मंतर पर केजरीवाल की मौजूदगी से आंदोलनकारी छात्रों को बड़ा नैतिक समर्थन मिला है।

युवाओं के गुस्से के आगे झुकना पड़ेगा सरकार को

अरविंद केजरीवाल ने दोहराया कि जब देश का युवा और छात्र सड़कों पर उतरता है, तो बड़े से बड़े सत्ताधीशों को उनकी न्यायसंगत मांगों को सुनना ही पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बल प्रयोग करने के बजाय छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।

 

 

Related posts

राजपीपला में आप विधायक चैतर वसावा के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब: ‘न्याय की लड़ाई में एकजुट हुई जनता’

बीएलओ: हरियाणा में विशेष संक्षिप्त / गहन सूची पुनरीक्षण अभियान: 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं को जारी हुए एनुअमरीकरण फॉर्म

डॉ. सुमिता मिश्रा: हेपेटाइटिस ‘बी’ और ‘सी’ के मरीजों को बड़ी राहत: हरियाणा में खुलेंगे 10 नए उपचार केंद्र, मिलेगी मुफ्त जांच व इलाज की सुविधा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More