पंजाब मॉडल’ की बड़ी कामयाबी: चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनाया पंजाब का ‘राइट टू बिजनेस एक्ट’

पंजाब मॉडल' की बड़ी कामयाबी: चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनाया पंजाब का 'राइट टू बिजनेस एक्ट'

पंजाब सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों को बड़ी मान्यता मिली है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अब पंजाब का ‘राइट टू बिजनेस एक्ट’ अपनाने का फैसला किया है। जानें कैसे यह कानून व्यापारियों के लिए साबित हो रहा है वरदान।

पंजाब सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों ने देशभर में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। इसी कड़ी में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, चंडीगढ़ प्रशासन (UT) ने पंजाब सरकार के ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट’ को अपने क्षेत्र में लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस निर्णय ने साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाला ‘पंजाब मॉडल’ न केवल सफल है, बल्कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी एक मिसाल बन गया है।

क्या है ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट’?

यह कानून पंजाब सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाया गया था। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • समय-बद्ध मंजूरियां: व्यापारियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक मंजूरियां निर्धारित समय सीमा के भीतर मिलने की कानूनी गारंटी।
  • इंस्पेक्टरी राज से मुक्ति: उद्यमियों को अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप और ‘इंस्पेक्टरी राज’ से सुरक्षा प्रदान करना।
  • कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business): नए निवेशकों के लिए कारोबार को और अधिक आसान और पारदर्शी बनाना।

‘पंजाब मॉडल’ की सफलता की गूंज

पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे पंजाब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “आज ‘पंजाब मॉडल’ की सफलता की गूंज केवल हमारे राज्य में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सुनाई दे रही है।” पंजाब सरकार राज्य को उद्योगों के लिए देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इस अधिनियम को अपनाने से औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ने की प्रबल संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब सरकारें कारोबारियों को बेहतर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का माहौल प्रदान करती हैं, तो इससे न केवल निवेश बढ़ता है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।

पंजाब सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि आने वाले समय में पंजाब न केवल कृषि, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Related posts

पंजाब में शिक्षा क्रांति: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुरू किया भारत का सबसे बड़ा ‘मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा’ कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हरियाणा में होगा महा-आयोजन, पंचकूला से गूँजेगा योग का संदेश

‘स्वस्थ हरियाणा-समृद्ध हरियाणा’: सीएम नायब सैनी ने स्वास्थ्य सेवाओं को दी नई गति, 100 करोड़ से अधिक की 9 परियोजनाओं का शुभारंभ

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More