पंजाब: सरकारी राजिंदरा अस्पताल में नवजात बच्ची को नई जिंदगी, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का मिला लाभ

पंजाब: सरकारी राजिंदरा अस्पताल में नवजात बच्ची को नई जिंदगी, 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' का मिला लाभ

पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत नवजात बच्ची की मुफ्त सफल सर्जरी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की।

पटियाला: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी की सफलता पर संतोष व्यक्त किया है। राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (MMSY) के तहत एक दिन की नवजात बच्ची की सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया गया है, जिसे चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

सरकारी राजिंदरा अस्पताल में सफल ऑपरेशन: ₹10 लाख स्वास्थ्य कार्ड से मिली राहत

पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में पैदा हुई एक नवजात बच्ची जन्म से ही गंभीर बीमारी (एसोफैगस का अविकसित होना) से जूझ रही थी। इस स्थिति के कारण बच्ची दूध या लार तक निगलने में असमर्थ थी, जो उसके जीवन के लिए अत्यंत घातक था। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में तुरंत सर्जरी ही एकमात्र विकल्प थी। राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के अंतर्गत इस महंगी और जटिल सर्जरी का पूरा खर्च सरकार द्वारा नि:शुल्क वहन किया गया।

डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि यदि यही इलाज किसी निजी अस्पताल में कराया जाता, तो इस पर 12 से 15 लाख रुपये तक का भारी खर्च आ सकता था, जो एक सामान्य परिवार के लिए जुटाना लगभग असंभव होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि राज्य का कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार: डॉ. बलबीर सिंह की प्रतिबद्धता

इस सफल सर्जरी को अंजाम देने वाली डॉक्टरों की टीम में बाल रोग सर्जन डॉ. रवि गर्ग के नेतृत्व में डॉ. तेग रबाब सिंह, डॉ. सुकृत सिंह शाह शामिल थे। इसके अलावा एनेस्थीसिया टीम में डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. तृप्त कौर बिंद्रा और डॉ. सुमित सोनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में 26 दिनों तक गहन देखरेख के बाद अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

डॉ. बलबीर सिंह ने इस उपलब्धि को सरकारी अस्पतालों की बढ़ती विशेषज्ञता का प्रमाण बताया। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका लक्ष्य है कि पंजाब के हर नागरिक को विश्व स्तरीय, गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं उनके अपने सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध हों।

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