ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी: हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र पर साधा निशाना, पूछा- “क्या यही है अमृत काल?”

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी: हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र पर साधा निशाना, पूछा- "क्या यही है अमृत काल?"

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। महंगाई और ‘अमृत काल’ के वादों पर उठाए सवाल।

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पिछले दो हफ्तों के भीतर ईंधन के दामों में चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। ताजा वृद्धि के तहत डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिसके बाद कुल बढ़ोतरी लगभग 8 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। महंगाई के इस दौर में पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है।

सरकार का आम परिवारों के प्रति कोई सरोकार नहीं: चीमा

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार का आम परिवारों के संघर्ष और परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने सवाल किया, “जहाँ दुनिया के कई अन्य देश अपने नागरिकों को वैश्विक ईंधन झटकों से बचाने के लिए राहत प्रदान कर रहे हैं, वहीं भारत में लोगों को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। क्या भाजपा सरकार द्वारा देशवासियों से किया गया ‘अमृत काल’ का वादा यही है?” उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महंगाई के इस दौर में पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है और आम आदमी को आर्थिक संकट की आग में झोंक रही है।

महंगाई की मार: अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा गहरा असर

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस निरंतर बढ़ोतरी का सीधा असर रसद (logistics) लागत पर पड़ेगा, जिससे दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं के दाम और बढ़ेंगे। हरपाल सिंह चीमा ने इस बात पर जोर दिया कि एक तरफ सरकार आरबीआई से रिकॉर्ड डिविडेंड के रूप में हजारों करोड़ रुपये प्राप्त कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक महंगाई के बोझ तले दब रहा है।

चीमा ने आगे कहा कि सरकार को अपनी आर्थिक नीतियों का जवाब देना चाहिए। दिल्ली जैसे शहरों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार का आर्थिक प्रबंधन पूरी तरह विफल हो चुका है। वित्त मंत्री ने केंद्र को चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा जाएगा।

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