पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत अब तक 1.32 लाख से अधिक लोगों ने श्री हरमंदिर साहिब और अजमेर शरीफ जैसे स्थलों के मुफ्त दर्शन किए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ (Mukh Mantri Teerth Yatra Yojana) ने प्रदेश में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। अपनी धार्मिक आस्था को पूरा करने के संकल्प के साथ शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 1.32 लाख से अधिक श्रद्धालु देश के विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।
श्रद्धालुओं के लिए ‘श्रवण कुमार’ बनी पंजाब सरकार
ਸੂਬੇ ਦੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨਿਭਾ ਰਹੀ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਸੇਵਾ!
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਤੀਰਥ ਯਾਤਰਾ ਯੋਜਨਾ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਹੁਣ ਤੱਕ 1.32 ਲੱਖ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਰਧਾਲੂਆਂ ਨੂੰ ਕਰਵਾਏ ਤੀਰਥਾਂ ਦੇ ਮੁਫ਼ਤ ਦਰਸ਼ਨ, ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ, ਸ੍ਰੀ ਅਨੰਦਪੁਰ ਸਾਹਿਬ, ਮਾਤਾ ਨੈਣਾ ਦੇਵੀ, ਅਜਮੇਰ ਸ਼ਰੀਫ਼ ਵਰਗੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਥਾਵਾਂ ‘ਤੇ ਭੇਜੇ… pic.twitter.com/Sk1UQ5i6e2
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 29, 2026
राजस्व मंत्री एस. हरदीप सिंह मुंडियान ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि योजना के दो चरणों के माध्यम से हजारों परिवारों का तीर्थ यात्रा का सपना साकार हुआ है। इस योजना के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर), श्री आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी, अजमेर शरीफ, श्री हजूर साहिब (नांदेड़), और वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पूरी तरह निःशुल्क ले जाया जा रहा है। सरकार न केवल यात्रा, बल्कि श्रद्धालुओं के ठहरने, खाने-पीने और चिकित्सा सुविधाओं का पूरा खर्च भी वहन कर रही है।
दूसरे चरण में 97,000 से अधिक लाभार्थियों ने उठाया लाभ
अक्टूबर 2025 में नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित इस योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की गई थी। इस चरण के तहत अब तक लगभग 2,462 यात्राएं (Trips) आयोजित की जा चुकी हैं, जिससे 97,041 श्रद्धालुओं को लाभ मिला है। आंकड़ों के अनुसार, बठिंडा क्लस्टर से सबसे अधिक 46,030 श्रद्धालु शामिल हुए, जबकि लुधियाना, मोहाली और अमृतसर क्लस्टरों में भी भारी उत्साह देखा गया।
सभी धर्मों और वर्गों के लिए समावेशी पहल
मुख्यमंत्री भगवंत मान का विजन है कि धन के अभाव में कोई भी बुजुर्ग अपने आराध्य के दर्शन से वंचित न रहे। यह योजना 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए खुली है, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ डॉक्टरों की टीम और वालंटियर्स भी तैनात रहते हैं ताकि बुजुर्गों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।