संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पर ‘आप’ का केंद्र पर वार, कोर्ट परिसर में भावुक हुए पंजाब के मंत्री; 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पर 'आप' का केंद्र पर वार, कोर्ट परिसर में भावुक हुए पंजाब के मंत्री; 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को गुरुग्राम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। कोर्ट में भावुक हुए AAP नेता।

कथित 100 करोड़ रुपये से अधिक के धनशोधन (Money Laundering) और जीएसटी धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में आए पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजीव अरोड़ा को अदालत से बड़ा झटका लगा है। दो दिनों की विस्तारित ईडी रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को जांच एजेंसी ने संजीव अरोड़ा को गुरुग्राम की जिला एवं सत्र अदालत (विशेष पीएमएलए कोर्ट) में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मंत्री को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। अब वे 1 जून तक जेल में रहेंगे।

कोर्ट परिसर में परिवार से मिलते ही फूट-फूटकर रो पड़े संजीव अरोड़ा[

सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर से एक बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। अपनी दो दिनों की बढ़ी हुई रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद जब संजीव अरोड़ा को विशेष कोर्ट में पेश किया गया, तो वहां मौजूद अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को देखकर वे खुद पर काबू नहीं रख पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें इस तरह रोता देख वहां मौजूद उनके समर्थक और परिजन भी काफी भावुक हो गए। हालांकि, संजीव अरोड़ा की इस स्थिति पर आम आदमी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संजीव अरोड़ा एक बहादुर और सच्चे देशभक्त हैं, जिन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और पूरा पंजाब उनके साथ खड़ा है।

क्या है पूरा मामला और ईडी के आरोप?

ईडी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके आधिकारिक आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि संजीव अरोड़ा ने एक कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रहते हुए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मोबाइल फोन की बोगस खरीदारी और निर्यात (Bogus Export) दिखाकर करीब 102.5 करोड़ रुपये की ‘Proceeds of Crime’ (अपराध की कमाई) अर्जित की और अवैध रूप से जीएसटी रिफंड (GST Refund) हासिल किया। ईडी का दावा है कि इस पैसे को शेल कंपनियों के जरिए रूट किया गया और गुरुग्राम सहित कई इलाकों में बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं।

ईडी ने लगाया जांच भटकाने का आरोप, बचाव पक्ष ने किया विरोध

अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, ईडी ने आरोप लगाया है कि रिमांड के दौरान संजीव अरोड़ा ने जांच में सहयोग नहीं किया और उन संस्थाओं के बारे में अनभिज्ञता जताकर जांच को भटकाने की कोशिश की, जहां से मोबाइल फोन खरीदे या निर्यात किए गए थे। दूसरी तरफ, संजीव अरोड़ा के वकील अर्जुन दीवान ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया। रक्षा पक्ष के वकीलों का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और मंत्री को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। संजीव अरोड़ा की ओर से अदालत में जमानत याचिका (Bail Application) भी दायर की गई है, जिस पर कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर 22 मई तक जवाब मांगा है। 1 जून को होने वाली अगली सुनवाई अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।संजीव अरोड़ा को बड़ा झटका: गुरुग्राम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, परिवार को देख रो पड़े पंजाब के मंत्री

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