मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जापान (JICA) के सहयोग से ₹1,300 करोड़ का बागवानी प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य के कृषि इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ने की तैयारी कर ली है। पंजाब को बागवानी (Horticulture) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने और किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने के लिए मान सरकार ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ मिलकर एक बड़े साझा प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इस ₹1,300 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट के जरिए पंजाब की खेती को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और पंजाब के किसान सालों पुराने गेहूं-धान के पारंपरिक फसल चक्र से पूरी तरह मुक्त हो सकेंगे।
जापान के सहयोग से आधुनिक तकनीक और वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर
ਬਾਗਬਾਨੀ ਖੇਤਰ ‘ਚ ਨਵੀਆਂ ਉਚਾਈਆਂ ਛੋਹੇਗਾ ਪੰਜਾਬ!
👉🏻 ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਤੇ ਜਾਪਾਨ ਦਾ ਸਾਂਝਾ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ
👉🏻 ₹1,300 ਕਰੋੜ ਦੇ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਰਾਹੀਂ ਬਾਗਬਾਨੀ ਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਵੱਡਾ ਹੁਲਾਰਾ
👉🏻 ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਵਧੇਗੀ ਤੇ ਕਣਕ-ਝੋਨੇ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ‘ਚੋਂ ਮੁਕਤ ਹੋਵੇਗੀ ਖੇਤੀ pic.twitter.com/JRe7nU4oet— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 10, 2026
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस महत्वाकांक्षी योजना के विवरण साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन पंजाब की खेती को आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इस ₹1,300 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत पूरे पंजाब में उच्च मूल्य वाली और जलवायु-अनुकूल (Climate-Resilient) बागवानी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस योजना के तहत जापानी तकनीक की मदद से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और उन्नत नर्सरी की सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही आधुनिक मंडी इन्फ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट्स और किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इससे फसलों की बर्बादी रुकेगी और किसानों को उनकी उपज का सीधा और अधिकतम लाभ मिल सकेगा।
गिरते भूजल को बचाने और युवाओं को पंजाब में रोकने की बड़ी पहल
‘आप’ सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि पंजाब लंबे समय से अत्यधिक जल-खपत वाली धान की खेती के कारण गिरते भूजल स्तर (Groundwater Depletion) की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मान सरकार की इस किसान-हितैषी नीति से पंजाब का बागवानी क्षेत्र 2035 तक बढ़कर 17.34 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है, जो वर्तमान में 5.21 लाख हेक्टेयर है।
यह प्रोजेक्ट न केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेगा, बल्कि पंजाब के युवाओं को खेती और कृषि-स्टार्टअप्स के क्षेत्र में आजीविका के नए और आकर्षक अवसर प्रदान करेगा। इससे राज्य के युवाओं का विदेशों में पलायन (Migration Abroad) रुकेगा और वे पंजाब में ही रहकर तरक्की की नई ऊंचाइयों को छू सकेंगे।