मान सरकार का पंजाब के किसानों को बड़ा तोहफा: जगराओं में ₹5.34 करोड़ के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट की शुरुआत, खेतों को मिलेगा साफ पानी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य में गिरते भूजल स्तर (Groundwater Depletion) को बचाने और किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधन मुहैया कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मान सरकार के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने जगराओं (Jagraon) में ₹5.34 करोड़ की लागत से तैयार किए गए एक विशेष वॉटर रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया है। इस ऐतिहासिक परियोजना के तहत स्थानीय सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के ट्रीटेड पानी (साफ किए गए पानी) को बर्बाद होने से बचाकर एक लंबी पाइपलाइन के जरिए सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था को एक नया और आधुनिक आधार मिलेगा।
15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन से 426 हेक्टेयर भूमि की होगी सिंचाई
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜਗਰਾਓਂ ਨੂੰ ਸੀਵਰੇਜ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਦਾ ਤੋਹਫ਼ਾ!
₹5.34 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਦੇ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਦਾ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ ਬਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਗੋਇਲ ਨੇ ਕੀਤਾ ਉਦਘਾਟਨ
ਸੋਧਿਆ ਹੋਇਆ ਪਾਣੀ 15 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਲੰਮੀ ਪਾਈਪਲਾਈਨ ਰਾਹੀਂ ਸਿੰਜਾਈ ਵਾਸਤੇ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ ਖੇਤਾਂ ਤੱਕ pic.twitter.com/t3E2LrfGAL
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 10, 2026
पंजाब के भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन पंजाब के पानी को बचाना और खेती की लागत को कम करना है। इस ₹5.34 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत 15 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड (भूमिगत) एचडीपीई (HDPE) पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके जरिए रोजाना करीब 16 एमएलडी (MLD) साफ किए गए पानी को बिना किसी रुकावट के सीधे खेतों तक पहुंचाया जाएगा। नाबार्ड (NABARD) के सहयोग से पूरे हुए इस प्रोजेक्ट से अगवाड़ ख्वाजा बाजू और अगवाड़ लोपो कलां गांवों के लगभग 547 किसान परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और करीब 426 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जा सकेगी।
ट्यूबवेल पर निर्भरता होगी कम, बिजली और भूजल दोनों की होगी भारी बचत
‘आप’ सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब अनुपयोगी और गंदे पानी को रिसाइकिल कर उसे खेती के लिए एक मूल्यवान संसाधन में बदल दिया गया है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से किसानों की ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे न केवल पंजाब का कीमती पानी बचेगा, बल्कि बिजली की भी भारी बचत होगी। जो पानी पहले नालों में बहकर बर्बाद हो जाता था, अब वही पानी पंजाब की धरती को सोना बनाने में काम आएगा।” उन्होंने घोषणा की कि जगराओं में पहले से चल रहे 12 एमएलडी के एक अन्य प्लांट के पानी को भी जल्द ही नई पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा।