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पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के सड़क क्रांति अभियान से बदली तस्वीर। 45,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और गुणवत्ता पर जोर से पंजाब के बुनियादी ढांचे का हुआ कायाकल्प।
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहा ‘सड़क क्रांति’ अभियान अब राज्य की फिजा बदलने लगा है। राज्य सरकार की ऐतिहासिक सड़क निर्माण परियोजना के तहत बनाई जा रही शानदार और मजबूत सड़कें न केवल लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, बल्कि वे राज्य के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प की गवाही भी दे रही हैं। आम जनता का मानना है कि पिछले 70 वर्षों में पहली बार गांवों और शहरों को जोड़ने वाला इतना व्यापक और गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
गुणवत्ता और जवाबदेही पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट विजन है कि सड़क निर्माण केवल एक काम नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे का सही उपयोग है। इसी सोच के साथ सरकार ने निर्माण कार्य में ‘शून्य भ्रष्टाचार’ और ‘उच्च गुणवत्ता’ का मानक स्थापित किया है। खास बात यह है कि इन सड़कों के निर्माण में ठेकेदारों के लिए 5 साल का अनिवार्य रखरखाव (Maintenance Clause) जोड़ा गया है। यदि सड़क तय समय से पहले खराब होती है, तो संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाएगी और भुगतान रोकने से लेकर ब्लैकलिस्टिंग तक की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्यों हो रही है मान सरकार की तारीफ?
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਿਕ ਸੜਕੀ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਤਹਿਤ ਬਣ ਰਹੀਆਂ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਸੜਕਾਂ ਨੇ ਬੰਨ੍ਹੇ ਪਏ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਨਜ਼ਾਰੇ। 70 ਸਾਲਾਂ ਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਹੋ ਰਹੇ ਅਜਿਹੇ ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਦੇ ਲੋਕ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਤਰੀਫ਼ਾਂ ਕਰਦੇ ਨਹੀਂ ਥੱਕਦੇ। pic.twitter.com/hATer8c5Cm
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 19, 2026
- 45,000 किलोमीटर का महा-अभियान: पंजाब सरकार राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य कर रही है, जिसके तहत 44,920 किलोमीटर से अधिक सड़कों को आधुनिक रूप दिया जा रहा है।
- ग्रामीण कनेक्टिविटी में सुधार: मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं का सीधा लाभ उन गांवों को मिल रहा है जो बरसों से उपेक्षित थे। अब किसान अपनी उपज मंडियों तक आसानी से पहुंचा पा रहे हैं।
- सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान: सड़कों के निर्माण के साथ-साथ ‘सड़क सुरक्षा बल’ (Sadak Surakhya Force) की तैनाती ने दुर्घटनाओं में काफी कमी ला दी है, जिसकी सराहना केंद्रीय स्तर पर भी की गई है।
- पारदर्शिता: सरकारी खजाने का पैसा अब नेताओं की जेब में नहीं, बल्कि सीधे सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं में लग रहा है, जिसे लेकर आम लोग खुलकर सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं।
विकास की एक नई इबारत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले सड़कों के नाम पर केवल खानापूर्ति होती थी और कुछ ही महीनों में सड़कें टूट जाती थीं, लेकिन अब सड़कों की बनावट और मोटाई देखकर ही विकास का अंतर स्पष्ट नजर आता है। आज पंजाब में सड़कों के साथ-साथ नई औद्योगिक नीतियों और बेहतर बिजली व्यवस्था ने प्रदेश को एक नई दिशा दी है।
मान सरकार का यह संकल्प कि “सड़कें सिर्फ चलने का रास्ता नहीं, बल्कि तरक्की की राह हैं,” धरातल पर नजर आ रहा है। यह मिशन न केवल ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है, बल्कि पंजाब की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।