पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस और किताबों के नाम पर अभिभावकों के उत्पीड़न पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को धंधा नहीं बनने दिया जाएगा।
पंजाब में प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से बढ़ाई जा रही फीस और किताबों के नाम पर अभिभावकों के शोषण को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पंजाब सरकार शिक्षा का व्यापारीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में सुधार के कारण आज पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर जनता का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है, और सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“निजी स्कूलों की तानाशाही पर लगेगी रोक” – मुख्यमंत्री
सोशल मीडिया और प्रेस वार्ता के माध्यम से अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा:
“फीस के नाम पर बच्चों का मानसिक शोषण या उनके माता-पिता को डराना-धमकाना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा! शिक्षा एक पवित्र सेवा है और इसे किसी भी सूरत में मुनाफाखोरी का धंधा नहीं बनने दिया जाएगा। पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का भरोसा तेजी से मजबूत हो रहा है और हम इस ताकत को और बढ़ाएंगे।”
अध्यादेश लाकर फीस बढ़ोतरी पर लगाई 5% की सीमा
ਸਕੂਲ ਫ਼ੀਸ ਦੇ ਨਾਂ ‘ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਸ਼ੋਸ਼ਣ ਜਾਂ ਮਾਪਿਆਂ ਨਾਲ਼ ਧੱਕੇਸ਼ਾਹੀ ਕਬੂਲ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ!
🔹 ਸਿੱਖਿਆ ਇੱਕ ਸੱਚੀ ਸੇਵਾ ਹੈ ਅਤੇ ਲਾਜ਼ਮੀ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਵਪਾਰ ਨਾ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇ
🔹 ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ‘ਤੇ ਭਰੋਸਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਇਹ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਹੋਰ ਜ਼ਰੂਰ ਵਧਾਵਾਂਗੇ– @BhagwantMann
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ, ਪੰਜਾਬ pic.twitter.com/ue702sEYSI— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 21, 2026
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर साल बढ़ाए जाने वाले मनमाने शुल्कों पर अंकुश लगाने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस ऑर्डिनेंस’ लागू किया है।
- 5% की अधिकतम सीमा: अब कोई भी प्राइवेट स्कूल सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इससे अधिक बढ़ोतरी के लिए सरकार से विशेष अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।
- अतिरिक्त वसूली होगी वापस: जिन स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान सामूहिक रूप से 15% से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अभिभावकों को अतिरिक्त राशि लौटानी (Refund) होगी।
- दुकानों को तय करने पर रोक: स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से ही किताबें, यूनिफॉर्म या स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
सरकारी स्कूलों में आ रहा है क्रांतिकारी बदलाव
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ‘स्कूल ऑफ एमिनेन्स’ (Schools of Eminence) जैसे अभियानों के जरिए सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रही है। आज निजी स्कूलों से बच्चे हटकर सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब का हर बच्चा आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना विश्वस्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।