NEET Paper Leak: “शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं देते?”; उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद केंद्र पर बरसे अरविंद केजरीवाल

NEET Paper Leak: "शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं देते?"; उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद केंद्र पर बरसे अरविंद केजरीवाल

 

NEET पेपर लीक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को अमानवीय बताया।

NEET-UG पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शिवसेना (UBT) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने देश के मौजूदा हालात, युवाओं में व्याप्त आक्रोश और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला।

“पेपर लीक का मास्टरमाइंड बाहर, छात्रों पर लाठियां”—केजरीवाल का आरोप

पत्रकारों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पेपर लीक के मुख्य आरोपियों और मास्टरमाइंड को बचाने में लगी है। उन्होंने कहा:

“2024 के पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड के खिलाफ समय पर चार्जशीट तक दाखिल नहीं की गई, जिससे उसे आसानी से बेल मिल गई। जो लोग चोर हैं और जिन्होंने पेपर लीक कराया, उन्हें सरकार बचा रही है और जब 18 से 22 साल के निहत्थे बच्चे अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाई जाती हैं। यह छात्रों पर अत्याचार के समान है।”

“शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं देते?”

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि देश में लगातार परीक्षाएं लीक हो रही हैं और पूरी परीक्षा प्रणाली ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।

  • इस्तीफे की मांग: केजरीवाल ने कहा, “सरकार में समय-समय पर मंत्री बदले जाते हैं, तो फिर इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं देते? शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और पूरे एग्जाम सिस्टम में सुधार किया जाना चाहिए।”
  • मेट्रो स्टेशन बंद करने पर निशाना: दिल्ली में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बंद किए गए 16 मेट्रो स्टेशनों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार मेट्रो स्टेशन बंद करके युवाओं को नहीं रोक सकती। युवा पैदल चलकर भी प्रदर्शन में शामिल होंगे, इसलिए सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।

आंदोलनरत छात्रों को मिला विपक्षी दलों का पूरा समर्थन

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि ‘आप’ जंतर-मंतर और देश भर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं की इस लड़ाई में उनका साथ देना चाहिए।

Related posts

राजपीपला में आप विधायक चैतर वसावा के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब: ‘न्याय की लड़ाई में एकजुट हुई जनता’

बीएलओ: हरियाणा में विशेष संक्षिप्त / गहन सूची पुनरीक्षण अभियान: 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं को जारी हुए एनुअमरीकरण फॉर्म

डॉ. सुमिता मिश्रा: हेपेटाइटिस ‘बी’ और ‘सी’ के मरीजों को बड़ी राहत: हरियाणा में खुलेंगे 10 नए उपचार केंद्र, मिलेगी मुफ्त जांच व इलाज की सुविधा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More