पंजाब कैबिनेट बैठक में किसानों और पंचायत व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने निर्णयों की जानकारी दी।
पंजाब सरकार की एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें राज्य से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सतलुज और घग्गर नदियों के आसपास के क्षेत्रों में जिन किसानों की जमीन पर नदी के बहाव से रेत जमा हो गई है, उन्हें यह रेत अपने स्तर पर हटाने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए भूमि मालिक को आवश्यक सरकारी अनुमति प्राप्त करनी होगी।
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बैठक में पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पदों के लिए आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
ਪੰਜਾਬ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਦੀ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਬੈਠਕ CM @BhagwantMann ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਮੁਕੰਮਲ!
ਬੈਠਕ ‘ਚ ਹੋਏ ਫ਼ੈਸਲਿਆਂ ਬਾਰੇ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ
👉🏻 ਪੰਜਾਬ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਅਧਿਨਿਯਮ 1994 ਅਤੇ Punjab Reservation For the office of Gram Panchayat, Chairman and Vice-Chairman of Panchayat… pic.twitter.com/Y2ahE4hT8e
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 17, 2026
सरकार ने यह भी निर्णय लिया कि यदि किसी क्षेत्र की सीमा में 10 प्रतिशत तक परिवर्तन होता है, तो उसके अनुसार आरक्षण रोस्टर में भी संशोधन किया जाएगा। इसके अलावा, इस पूरी प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की आपत्ति को 10 दिनों के भीतर सुना जाएगा और उसका निपटारा किया जाएगा।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये फैसले प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण विकास और पंचायत प्रणाली को और मजबूत करना है।