पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों, ईडी की कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चिंता जताई और संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज चंडीगढ़ में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष चर्चा की, जिसमें उन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे उनके अनुसार लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष शासित राज्यों में ही छापेमारी और नोटिस की घटनाएं अधिक देखने को मिल रही हैं।
ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਮੀਡੀਆ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਨਾਲ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਮੁੱਦੇ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ। ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਲੋਕਤੰਤਰ ਦਾ ਘਾਣ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।
ਆਖ਼ਰ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਸੂਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਉੱਥੇ ਹੀ ED ਦੇ ਛਾਪੇ ਕਿਉਂ ਮਾਰੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ? ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਆਵਾਜ਼… pic.twitter.com/xrqrI67AhK
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 17, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग जनता के अधिकारों की आवाज उठाते हैं और जनहित के कार्यों में सक्रिय रहते हैं, उन्हें जांच एजेंसियों के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं या फिर जेल भेजा जा रहा है। उनके अनुसार इससे एक ऐसा माहौल बनता है जिसमें लोग डर और दबाव महसूस करते हैं।
also read: सुनाम में अमन अरोड़ा ने कई विकास परियोजनाओं का किया…
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को किसी भी तरह की धमकी या दबाव से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विरोध की आवाजें हमेशा अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेंगी।
पंजाब को क्रांतिकारी धरती बताते हुए भगवंत मान ने कहा कि वे हर उस स्थान पर खड़े रहेंगे जहां उन्हें अन्याय दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है।
अंत में उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार पूरी ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करती रहेगी और जनहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।