प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकरण अभियान की समयसीमा 15 अगस्त 2025 तक बढ़ाई गई। अब तक 4.05 करोड़ महिलाओं को 19,028 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है। जानें योजना की पूरी जानकारी।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण और स्वास्थ्य सुधार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस योजना के तहत विशेष पंजीकरण अभियान की समय-सीमा 15 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी है। इसका उद्देश्य है कि सभी योग्य महिलाएं योजना में समय रहते पंजीकृत हो सकें।
अब तक 4.05 करोड़ महिलाओं को मिला लाभ
इस योजना की शुरुआत से अब तक 4.05 करोड़ महिलाओं को 19,028 करोड़ रुपये की राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभ मिल चुका है। यह योजना मिशन शक्ति की उप-योजना ‘सामर्थ्य’ के तहत संचालित की जाती है, और इसके अंतर्गत पहली संतान के लिए 5,000 रुपये दो किस्तों में तथा दूसरी संतान (यदि बालिका है) के लिए 6,000 रुपये की एकमुश्त राशि दी जाती है।
घर-घर जाकर जागरूकता और पंजीकरण अभियान
आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से डोर-टू-डोर कैंपेन चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को योजना से जोड़ा जा सके। अभियान का उद्देश्य है कि ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाली सभी योग्य महिलाएं भी इसका लाभ ले सकें।
डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता और त्वरित लाभ वितरण
मार्च 2023 में लॉन्च किए गए नए PMMVY सॉफ्टवेयर की मदद से लाभार्थियों का आधार प्रमाणीकरण (UIDAI) और भुगतान सत्यापन (NPCI) किया जाता है, ताकि राशि सीधे आधार से लिंक बैंक/डाकघर खातों में स्थानांतरित हो सके।
इस सॉफ्टवेयर में कई सुधार शामिल किए गए हैं:
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शिकायत निवारण मॉड्यूल
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14408 टोल-फ्री हेल्पलाइन
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मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट
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फेस रिकॉग्निशन बायोमेट्रिक सिस्टम
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संभावित लाभार्थियों की सूची अपलोड फीचर
योजना के उद्देश्य:
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माताओं को वेतन हानि की स्थिति में आंशिक वित्तीय मुआवजा देना
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स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार
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मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी
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बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना