उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद सत्र के पहले दिन दिया इस्तीफा, पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया में दी शुभकामनाएं। जानिए जेपी नड्डा से टकराव और भविष्य के चुनाव की पूरी जानकारी।
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद के मॉनसून सत्र 2025 के पहले ही दिन पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि मंगलवार को हुई। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी और धनखड़ के योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ जीवन की कामना की।
पीएम मोदी ने जताई शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
Shri Jagdeep Dhankhar Ji has got many opportunities to serve our country in various capacities, including as the Vice President of India. Wishing him good health.
श्री जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 22, 2025
धनखड़ का इस्तीफा अब मंजूर हो चुका है, और संविधान के अनुसार उपराष्ट्रपति के पद को भरने के लिए जल्द चुनाव कराए जाएंगे।
क्या जेपी नड्डा और धनखड़ के बीच टकराव हुआ था?
सूत्रों के अनुसार, सोमवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू की अनुपस्थिति से धनखड़ नाराज हो गए थे। मीटिंग के दौरान नड्डा की एक टिप्पणी को लेकर भी विवाद हुआ, जिसे विपक्ष ने सदन में उठाया।
हालांकि नड्डा ने सफाई देते हुए कहा कि, “मेरी टिप्पणी चेयर के लिए नहीं थी।” लेकिन इससे पहले मामला तूल पकड़ चुका था।
जगदीप धनखड़: एक मुखर उपराष्ट्रपति
धनखड़ का कार्यकाल विवादों और मुखर बयानों से भरा रहा। वे विपक्ष पर तीखी टिप्पणियों और शैक्षणिक संस्थानों को लेकर दिए गए बयानों के लिए चर्चा में रहे। उन्होंने कई बार लोकतंत्र और संविधान पर खुलकर राय रखी, जिससे वे सुर्खियों में बने रहे।
अब आगे क्या?
संविधान के अनुसार, इस्तीफे या निधन की स्थिति में उपराष्ट्रपति पद के लिए 6 महीने के भीतर चुनाव कराना आवश्यक है। ऐसे में चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।