पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा: इंडोनेशिया के साथ ₹5,400 करोड़ का ब्रह्मोस सौदा, भाजपा ने बताया ‘अभूतपूर्व’

पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा: इंडोनेशिया के साथ ₹5,400 करोड़ का ब्रह्मोस सौदा, भाजपा ने बताया 'अभूतपूर्व'

 

भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने पीएम मोदी के इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे को ऐतिहासिक बताया। इंडोनेशिया के साथ ₹5,400 करोड़ का ब्रह्मोस मिसाइल सौदा और सबांग पोर्ट पर रणनीतिक समझौता हुआ।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पीएम मोदी के चल रहे तीन देशों (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के विदेशी दौरे को देश के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद सफल और ‘अभूतपूर्व’ बताया है। गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की हर विदेश यात्रा सरकार के विकास और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति अटूट संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मौजूदा यात्रा के दौरान कई ऐसी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को और मजबूत करती हैं और जिन्हें व्यापक रूप से रेखांकित किए जाने की आवश्यकता है।

इंडोनेशिया के साथ अब तक का सबसे बड़ा ब्रह्मोस मिसाइल सौदा

भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने इंडोनेशिया के साथ होने वाले प्रस्तावित ब्रह्मोस मिसाइल समझौते को इस पूरी यात्रा का “सबसे बड़ा और ऐतिहासिक परिणाम” करार दिया। इस रक्षा सौदे के तहत भारत, जकार्ता (इंडोनेशिया) को अपनी मारक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली (Supersonic Cruise Missile System) की आपूर्ति करने के लिए सहमत हुआ है। यह भारत का अब तक का “सबसे बड़ा” रक्षा निर्यात सौदा माना जा रहा है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 5,400 करोड़ रुपये है। भाजपा के अनुसार, यह सौदा रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और एक प्रमुख वैश्विक हथियार निर्यातक बनने की उसकी बढ़ती क्षमता का जीता-जागता प्रमाण है।

महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी

इस यात्रा के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी बड़ी प्रगति हुई है। तुहिन सिन्हा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारत ने कुल 25 देशों के साथ महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर रणनीतिक समझौते किए हैं। इसी कड़ी में इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुई साझेदारियां भारत के भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी। चूंकि इंडोनेशिया दुनिया के अग्रणी निकल (Nickel) उत्पादकों में से एक है और ऑस्ट्रेलिया दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earths) का एक प्रमुख स्रोत है, इसलिए ये साझेदारियां सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत की महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान देंगी। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करने का परमाणु ऊर्जा समझौता हुआ है, जो वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी गति प्रदान करेगा।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का बढ़ता प्रभाव: सबांग पोर्ट का विकास

रणनीतिक और भू-राजनीतिक मोर्चे पर, इंडोनेशिया के आचे प्रांत में ‘सबांग पोर्ट’ (Sabang Port) के संयुक्त विकास को लेकर हुआ समझौता बेहद अहम है। यह बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक, मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के बिल्कुल करीब स्थित है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि इस समझौते को भारत के अपने ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ के साथ जोड़कर देखा जाए, तो यह साफ तौर पर हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में भारत के बढ़ते रणनीतिक पदचिह्नों और सुरक्षात्मक पहुंच का ठोस सबूत है। इसके अतिरिक्त, आर्थिक मोर्चे पर इंडोनेशिया ने भारत के बुनियादी ढांचा (Infrastructure) क्षेत्र में 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

सभ्यताई विरासत का सम्मान और विपक्ष पर तीखा पलटवार

अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया और उन्होंने वहां नौवीं शताब्दी के प्रसिद्ध प्रम्बनन मंदिर (Prambanan Temple) का दौरा भी किया। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा अपनी विदेशी यात्राओं के दौरान भारत की समृद्ध सभ्यताई और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रमोट किया है। विदेशी दौरों को लेकर कांग्रेस द्वारा की जा रही आलोचनाओं पर तीखा पलटवार करते हुए सिन्हा ने कहा कि विपक्ष ने पीएम के रवाना होने से पहले यह कहकर उनका मजाक उड़ाया था कि वे सिर्फ एक और पुरस्कार लेने विदेश जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री को अब तक मिले 35 सर्वोच्च अंतर्राष्ट्रीय नागरिक सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत कद, बल्कि वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए उनके दृष्टिकोण और दुनिया में भारत के नेतृत्व की स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। पार्टी ने विश्वास जताया कि यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड के साथ होने वाली बातचीत के भी ऐसे ही सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

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