पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार द्वारा आयुष्मान भारत लागू करने के फैसले का स्वागत किया। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ‘आसल पोरिबोर्तन’ के तहत हर परिवार को ₹5 लाख के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की।
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत का आगाज़: पीएम मोदी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में अब “डबल इंजन सरकार” के माध्यम से केंद्रीय योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के सीधे जनता तक पहुंचेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि बंगाल के नागरिकों का कल्याण उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस योजना से राज्य के करोड़ों लोगों को विश्व स्तरीय और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पदभार संभालने के तुरंत बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत, राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में बड़े सुधार की शुरुआत है।
‘आसल पोरिबोर्तन’ की ओर बढ़ते कदम
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नई सरकार ने राज्य में ‘आसल पोरिबोर्तन’ (वास्तविक परिवर्तन) लाने के उद्देश्य से छह ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। आयुष्मान भारत का कार्यान्वयन इन निर्णयों में सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे पिछली सरकार ने लंबे समय तक राज्य में लागू नहीं होने दिया था। सरकार का लक्ष्य अब उन सभी विकास कार्यों को गति देना है जो पिछले वर्षों में राजनीतिक गतिरोध के कारण रुके हुए थे।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का ऐतिहासिक मोड़
यह राजनीतिक घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार जीत के बाद आया है, जहां पार्टी ने पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाई है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें हासिल कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दशक पुराने शासन को समाप्त कर दिया, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। सत्ता में आते ही स्वास्थ्य योजनाओं पर लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीति और जनता की सेवा के प्रति नई सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।