प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विपक्ष पर बड़ा प्रहार: महिला आरक्षण बिल की हार को बताया ऐतिहासिक भूल, कहा– “विपक्ष को चुकानी होगी भारी कीमत”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विपक्ष पर बड़ा प्रहार: महिला आरक्षण बिल की हार को बताया ऐतिहासिक भूल, कहा– "विपक्ष को चुकानी होगी भारी कीमत"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण) के लोकसभा में गिरने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। CCS की बैठक में पीएम ने विपक्षी दलों की मानसिकता को ‘महिला विरोधी’ करार देते हुए कहा कि उन्हें इस विरोध के लिए जीवन भर पछताना पड़ेगा।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने पर गहरी निराशा और तीखा रोष व्यक्त किया है। सूत्रों के अनुसार, संसद भवन में आयोजित सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों के रुख पर कड़ा प्रहार किया।

“जीवन भर रहेगा पछतावा”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित इस महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन न करके विपक्षी दलों ने एक ऐतिहासिक अवसर खो दिया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के लिए विपक्षी पार्टियाँ “जीवन भर पछताएंगी।” पीएम के अनुसार, यह विधेयक देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था, जिसे विपक्ष ने बाधित किया।

विपक्ष की ‘महिला विरोधी मानसिकता’ पर प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष अब अपनी इस गलती को छिपाने के बहाने ढूंढ रहा है। उन्होंने भाजपा और एनडीए के नेताओं को निर्देश देते हुए कहा:

“विपक्ष को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हमें देश के हर गांव और हर घर तक यह संदेश ले जाना होगा कि विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी है। वे अब इस हार पर पर्दा डालने के लिए तमाम तर्क दे रहे हैं, लेकिन जनता उनकी असलियत देख चुकी है।”

 बैठक के मुख्य अंश

  • राजनीतिक परिणाम: पीएम ने आगाह किया कि जनता इस कृत्य के लिए विपक्ष को माफ नहीं करेगी और उन्हें राजनीतिक रूप से इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
  • जन-संपर्क अभियान: सरकार और सत्ताधारी दल अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे ताकि यह बताया जा सके कि कौन से दल महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ खड़े थे।
  • विपक्ष का बचाव: दूसरी ओर, विपक्षी दल इस बिल के तकनीकी पहलुओं और इसमें ‘कोटा के भीतर कोटा’ (OBC आरक्षण) की मांग को लेकर अपना बचाव कर रहे हैं।

संविधान (131वां) संशोधन विधेयक का गिरना भारतीय संसदीय इतिहास में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। जहां प्रधानमंत्री ने इसे विपक्ष के पतन की शुरुआत बताया है, वहीं आगामी चुनावों में ‘महिला सशक्तिकरण’ का यह मुद्दा एक प्रमुख राजनीतिक हथियार बनने के लिए तैयार है। यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष प्रधानमंत्री के इन तीखे हमलों का जवाब किस तरह देता है।

 

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