लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विवाद के बाद सीएम नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर महिला विरोधी रवैये का आरोप लगाया और इसे नारी सशक्तिकरण के खिलाफ बताया।
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर हुए घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक बताते हुए विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीएम सैनी ने कहा कि यह विधेयक देश की महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन कुछ दलों द्वारा इसका विरोध किया जाना नारी सशक्तिकरण के खिलाफ है।
आज लोकसभा में जो दृश्य देखने को मिला, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक, जो देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त करता, उसे “नारी विरोधी गठबंधन” द्वारा पारित न होने देना…
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) April 17, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि “नारी विरोधी गठबंधन” ने इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने से रोकने का प्रयास किया, जो महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उनके अनुसार, इस तरह का विरोध और उस पर राजनीतिक जश्न मनाना न केवल निंदनीय है, बल्कि महिलाओं के सम्मान के भी खिलाफ है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कुछ राजनीतिक दलों ने महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बाधा उत्पन्न की है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे रवैये से देश में महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि नारी सम्मान और सशक्तिकरण का यह मुद्दा यहीं समाप्त नहीं होगा। देश की महिलाएं जागरूक हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग भी हैं, इसलिए भविष्य में जनता ऐसे निर्णयों का जवाब देगी।
उन्होंने दोहराया कि सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कार्य लगातार जारी रहेगा।