प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केरल में NDA को समर्थन बढ़ रहा है। BJP के घोषणापत्र में विकास, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केरल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) को जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के मतदाता एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के अधूरे वादों से निराश हैं और अब बदलाव की ओर देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा संदेश में विश्वास जताया कि राज्य में पार्टी का जनाधार तेजी से मजबूत हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह “मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद – केरलम” कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से जुड़ने को लेकर उत्साहित हैं।
चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
यह बयान आगामी केरल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले आया है। चुनाव 9 अप्रैल को प्रस्तावित हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है।
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घोषणापत्र में विकास और रोजगार पर फोकस
हाल ही में भाजपा ने केरल के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
घोषणापत्र के अनुसार, राज्य के प्रमुख शहरों को अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित करने की योजना है—
- तिरुवनंतपुरम को आईटी और नवाचार केंद्र
- कोच्चि को जहाज निर्माण हब
- कोझिकोड को स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इनोवेशन केंद्र
- त्रिशूर को सांस्कृतिक पर्यटन स्थल
- कोल्लम को ब्लू इकोनॉमी हब
- कन्नूर को रक्षा नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है
इन पहलों का उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
कल्याणकारी योजनाओं पर भी जोर
घोषणापत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, खासकर महिलाओं के लिए “भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा” कार्ड जैसी योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत आवश्यक खर्चों के लिए मासिक सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा, पार्टी ने राज्य में AIIMS जैसे संस्थान की स्थापना, तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, और गरीब परिवारों को ओणम व क्रिसमस पर साल में दो मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया है। साथ ही, हर घर को प्रति माह 20,000 लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराने की योजना भी शामिल है।
धार्मिक और जल मुद्दों पर भी ध्यान
घोषणापत्र में सबरीमाला और गुरुवायूर मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन में सुधार के लिए पुनर्गठित देवस्वोम बोर्ड का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही मुल्लापेरियार बांध से जुड़े मुद्दे पर केरल की सुरक्षा और तमिलनाडु की जल आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की बात कही गई है।