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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की 6 दिवसीय यात्रा पर। G7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी, ‘भारत इनवेट्स’ और ‘विवाटेक’ में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक महत्वपूर्ण यूरोपीय यात्रा के लिए नई दिल्ली से रवाना हुए। यह छह दिवसीय यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अपनी इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री फ्रांस में जी7 (G7) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और स्लोवाकिया की एक ऐतिहासिक राजकीय यात्रा भी करेंगे। यह दौरा भारत के ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज के रूप में उभरने और नवाचार तथा तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक हब बनने की आकांक्षाओं को प्रदर्शित करता है।
फ्रांस के साथ विशेष रणनीतिक साझेदारी
यात्रा का पहला चरण फ्रांस के नीस (Nice) शहर से शुरू होगा, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ व्यापक द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह मुलाकात भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के तहत और गहरा करने का अवसर है। इस दौरान दोनों नेता ‘भारत इनवेट्स’ (Bharat Innovates) कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
स्लोवाकिया की पहली ऐतिहासिक यात्रा
अपनी यात्रा के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया गणराज्य की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है, जो इसे कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। यह दौरा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल निर्माण और रेलवे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर केंद्रित होगा।
जी7 शिखर सम्मेलन: वैश्विक मंच पर भारत की धमक
यात्रा का तीसरा चरण फ्रांस के इवियन (Evian) में आयोजित होने वाला G7 शिखर सम्मेलन है। प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को इस वैश्विक मंच में भाग लेंगे। सम्मेलन के सत्रों के दौरान वे अंतरराष्ट्रीय एकजुटता, समावेशी आर्थिक विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित एवं कुशल विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखेंगे। G7 में प्रधानमंत्री की उपस्थिति न केवल भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि भारत वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में एक प्रमुख भागीदार है। सम्मेलन से इतर वे कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
तकनीक, नवाचार और भारतीय प्रवासी
यात्रा का समापन 18 जून को पेरिस में होगा, जहाँ प्रधानमंत्री यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप इवेंट ‘विवाटेक’ (VivaTech) समिट में भाग लेंगे। यह मंच भारत को डिजिटल परिवर्तन और उद्यमिता के वैश्विक केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का एक शानदार अवसर है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे। पेरिस में रहने वाले भारतीय मूल के लोग दोनों देशों के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ के रूप में कार्य करते हैं।
प्रधानमंत्री की यह यूरोप यात्रा भारत के रणनीतिक हितों को साधने और यूरोपीय संघ के साथ साझेदारी को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। यह यात्रा न केवल व्यापार और तकनीक में सहयोग बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में वैश्विक स्थिरता और शांति में भारत के योगदान को भी नई दिशा प्रदान करेगी।