प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज CCS और केंद्रीय कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें पश्चिम एशिया संकट, ईंधन आपूर्ति और आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह 11:30 बजे राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा करना है। CCS की बैठक के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री संसद भवन में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) और केंद्रीय कैबिनेट की बैठकों की भी अध्यक्षता करेंगे।
पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सुरक्षा पर नजर
सुरक्षा संबंधी यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इससे पहले 1 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष CCS बैठक बुलाई थी, जिसमें इस संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया गया था। गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान पर हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल सैन्य हमले के बाद इस क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर हो गई है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मृत्यु की खबरों के बाद तेहरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
पेट्रोलियम और बिजली आपूर्ति की समीक्षा
पिछली बैठकों में कैबिनेट सचिव ने सदस्यों को पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों के बारे में जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री देश भर में पर्याप्त बिजली की उपलब्धता की भी समीक्षा करेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पावर प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे देश में बिजली की कमी नहीं होने दी जाएगी।
कृषि और खाद्य सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में नागरिकों के लिए उर्वरक (Fertilisers) सहित आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री विशेष रूप से आगामी खरीफ और रबी फसल सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के कदमों की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान स्टॉक और हाल के उपायों से खाद्य सुरक्षा बनी रहेगी, हालांकि सरकार वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश कर रही है।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और जवाबी कदम
सरकार इस संघर्ष के वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक प्रभावों का लगातार आकलन कर रही है। बैठक के दौरान इन चुनौतियों से निपटने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक जवाबी उपायों पर चर्चा की जाएगी। खाद्य, ईंधन और ऊर्जा जैसे आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा का उद्देश्य जनता के लिए आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।