संसद मानसून सत्र: हंगामे के बीच लोकसभा से ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पास, 9वें दिन भी भारी हंगामे के आसार

संसद मानसून सत्र: हंगामे के बीच लोकसभा से 'एंटी पेपर लीक बिल' पास, 9वें दिन भी भारी हंगामे के आसार

 

भारी नारेबाजी के बीच लोकसभा में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ ध्वनिमत से पास हुआ। छात्रों पर लाठीचार्ज और राम मंदिर मुद्दे को लेकर सत्र के 9वें दिन भी हंगामे के आसार हैं।

 

संसद का मानसून सत्र हंगामे और तीखी राजनीतिक बहसों का केंद्र बना हुआ है। सत्र के नौवें दिन भी सदन में शांत माहौल रहने के आसार बहुत कम हैं। विपक्षी दलों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं (चंदा चोरी) के मुद्दे को लेकर संसद परिसर और सदन के भीतर विरोध-प्रदर्शन करने की पूरी रणनीति तैयार की है। लोकसभा की शुरुआत से लेकर आठवें दिन की कार्यवाही तक विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से कई बार कामकाज बाधित हुआ है। इस बीच, बुधवार को हंगामे और नोकझोंक के बीच ‘एंटी पेपर लीक बिल’ (Public Examinations Bill) पर जोरदार बहस हुई और अंततः इसे लोकसभा से पारित कर दिया गया। अब सरकार की प्राथमिकता इस विधेयक को राज्यसभा से जल्द से जल्द पास कराकर एक सख्त कानून के रूप में लागू करने की है।

लोकसभा में भारी हंगामा: ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ बनाम ‘एलओपी को बोलने दो’ के नारे

बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त गतिरोध देखने को मिला। एक तरफ जहां सत्तापक्ष के सांसदों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक बयान को लेकर ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाए, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने वेल में आकर ‘एलओपी (नेता प्रतिपक्ष) को बोलने दो’ और ‘गृह मंत्री जवाब दो’ के नारे लगाए।

नारेबाजी और हंगामे की वजह से सदन में कई बार गतिरोध की स्थिति पैदा हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पीठासीन अधिकारी को सदन की कार्यवाही पहले अपराह्न ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वक्तव्य और रक्षा मंत्री का हस्तक्षेप

हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दों और देश के युवाओं की स्थिति पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर इस देश के भविष्य (युवाओं और छात्रों) ने जो भी कदम उठाया, वह कोई गुस्सा, हिंसा या नफरत का प्रदर्शन नहीं था। बल्कि, यह अपने अधिकारों और भविष्य के प्रति युवाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति थी। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि सत्तारूढ़ दल समेत देश के सभी राजनीतिक दलों को युवाओं की इस भावना और अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।

राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्तापक्ष के कई मंत्रियों और सांसदों ने बार-बार खड़े होकर विरोध जताया और टिप्पणी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने राहुल गांधी से अपना भाषण जारी रखने की अपील की और अपनी पार्टी के सांसदों से अनुरोध किया कि वे नेता प्रतिपक्ष के भाषण के दौरान बीच में टोका-टोकी न करें। राजनाथ सिंह के हस्तक्षेप के बाद राहुल गांधी ने अपना भाषण पूरा किया, हालांकि दोनों पक्षों के बीच तल्खी बरकरार रही।

एंटी पेपर लीक बिल: ध्वनिमत से पारित, अब राज्यसभा पर नजरें

हंगामे और बहस के बाद, अपराह्न तीन बजे जब सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तो केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पर हुई चर्चा का बिंदुवार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों होनहार युवाओं के भविष्य की रक्षा करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए बेहद आवश्यक है। इसके बाद लोकसभा ने इस विधेयक को ध्वनिमत (Voice Vote) से पारित कर दिया।

 

 

Related posts

अमेरिकी DHS के पोस्ट पर विवाद: JKPCC ने केंद्र से कड़ा जवाब देने की मांग की

BRICS Summit 2026: पुतिन बोले- मजबूत कारोबारी रिश्ते वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़

BRICS Summit 2026: पीएम मोदी बोले- वैश्विक अनिश्चितता में नवाचार और समाधान के केंद्र बन रहे ब्रिक्स देश

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More