NTA ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया है। CTO, CFO, CISO समेत 10 अहम पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देश में होने वाली महत्वपूर्ण प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। शिक्षा मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के तहत एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है। इसके साथ ही एजेंसी में कई महत्वपूर्ण पदों पर अनुभवी और पेशेवर लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा संचालन से जुड़ी तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करना है, ताकि भविष्य में परीक्षाओं के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को कम किया जा सके।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में एनटीए की मौजूदा कार्यप्रणाली और हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। सरकार की ओर से यह कदम परीक्षा संचालन में जवाबदेही बढ़ाने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
10 महत्वपूर्ण पदों पर पेशेवरों की भर्ती
परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनटीए ने 10 नए पेशेवर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO), चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO), जनरल मैनेजर (एग्जाम सिक्योरिटी) और जनरल मैनेजर (R&D एवं साइकोमेट्रिक्स) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है और नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इन विशेषज्ञों की मदद से एनटीए अपनी तकनीकी क्षमता, वित्तीय प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और परीक्षा संबंधी शोध एवं मूल्यांकन व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश करेगा।
प्राइवेट सेक्टर के विशेषज्ञ भी होंगे शामिल
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एनटीए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई विशेषज्ञ क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों को भी शामिल कर रहा है। साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र तैयार करने और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों की सेवाएं लेने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र के अनुभव का इस्तेमाल करके परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है। इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डेटा संरक्षण, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और परिणाम तैयार करने जैसी प्रक्रियाओं में सुधार की उम्मीद है।
पहले भी भर्ती के लिए जारी हो चुका है विज्ञापन
एनटीए ने इससे पहले भी संगठन को मजबूत करने के लिए नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की थी। एजेंसी की ओर से चार नए जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। लगातार की जा रही भर्तियों से संकेत मिलता है कि एनटीए अपने मानव संसाधन ढांचे में बदलाव कर विशेषज्ञता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। खासतौर पर तकनीक और परीक्षा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को मौजूदा परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। इसके तहत गोपनीय संचालन यानी कॉनऑप्स व्यवस्था, अलग-अलग कमरों की व्यवस्था, एयर-गैप्ड सिस्टम और परीक्षा से जुड़े उपकरणों को जमा करने की प्रक्रिया में व्यापक बदलाव लागू करने पर जोर दिया गया है। मंत्री ने इन सुधारों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान संवेदनशील सामग्री तथा डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा को मजबूत करना है।
सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का होगा गहन ऑडिट
शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को अपनी सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट करने का निर्देश भी दिया है। ऑडिट के दौरान परीक्षा की तैयारी से लेकर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, तकनीकी प्रणालियों, कर्मचारियों की भूमिका और परिणाम प्रक्रिया तक की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। एनटीए को इन सुधारों पर रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।
UGC-NET में गलतियों के बाद बढ़ी चुनौती
एनटीए में सुधार की यह प्रक्रिया ऐसे समय में तेज हुई है जब UGC-NET परीक्षा के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई गलतियां सामने आई हैं। इन खामियों के बाद संबंधित विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का आदेश जारी किया गया। इससे परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की विश्वसनीयता और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। ऐसे में एनटीए के सामने केवल नई नियुक्तियां करने की ही नहीं, बल्कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली में व्यावहारिक और स्थायी सुधार लागू करने की भी चुनौती है।
पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर रहेगा जोर
एनटीए द्वारा उठाए जा रहे कदमों का सबसे बड़ा उद्देश्य परीक्षार्थियों का भरोसा बहाल करना है। देश में लाखों विद्यार्थी एनटीए की विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होते हैं, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया में छोटी सी गलती भी बड़ी संख्या में छात्रों को प्रभावित कर सकती है। नई नियुक्तियों, विशेषज्ञों की भागीदारी, सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमित ऑडिट के जरिए एजेंसी परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में इन सुधारों का प्रभाव इस बात से तय होगा कि एनटीए इन्हें कितनी प्रभावी और लगातार लागू करता है।