नशे के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस’: सीएम नायब सिंह सैनी का ड्रग माफियाओं को कड़ा संदेश, कहा- युवाओं को बर्बाद करने वालों को ‘मिट्टी में मिला देंगे’

नशे के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस': सीएम नायब सिंह सैनी का ड्रग माफियाओं को कड़ा संदेश, कहा- युवाओं को बर्बाद करने वालों को 'मिट्टी में मिला देंगे'

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस नीति अपनाई है। युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया।

 

‘ हरियाणा में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी सरकार का रुख और अधिक सख्त कर दिया है। नशा मुक्त हरियाणा के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि राज्य में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी ड्रग माफिया या तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे असामाजिक तत्वों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ‘जीरो टॉलेरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।

माफियाओं के लिए मुख्यमंत्री का सीधा संदेश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कड़ी लहजे में कहा, “युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले ड्रग माफियाओं को सरकार हर हाल में मिट्टी में मिलाने का काम करेगी। नशे के सौदागरों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है।”

क्या है हरियाणा सरकार की ‘जीरो टॉलेरेंस’ रणनीति?

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य भर में पुलिस प्रशासन को नशा तस्करों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • माफियाओं की संपत्ति पर बुलडोजर: सरकार ने नशा बेचकर अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें जमींदोज करने और जब्त करने का अभियान तेज कर दिया है।
  • इंटेलिजेंस नेटवर्क का विस्तार: ड्रग तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है ताकि सप्लाई चेन को शुरू में ही रोका जा सके।
  • पुनर्वास केंद्रों की भूमिका: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए राज्य के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
  • जन-भागीदारी और जागरूकता: सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसे एक ‘लोक आंदोलन’ के रूप में देखा जा रहा है।

युवाओं को गलत राह से बचाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि हरियाणा का युवा खेल, शिक्षा और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़े, न कि नशे की दलदल में फंसे। उन्होंने युवाओं के माता-पिता से भी संवाद बनाए रखने का आग्रह किया है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य हरियाणा को ‘नशा मुक्त’ बनाकर इसे देश का अग्रणी और स्वस्थ राज्य बनाना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नायब सिंह सैनी का यह आक्रामक रुख राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। हरियाणा पुलिस ने हाल के महीनों में जिस तरह से अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों पर नकेल कसी है, वह सरकार के इन दावों को धरातल पर साबित करता है। अब देखना यह होगा कि माफियाओं के खिलाफ यह जंग आने वाले समय में राज्य को किस हद तक नशा मुक्त बनाने में सफल होती है।

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