मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने SMDA की तीसरी बैठक में सोनीपत के विकास के लिए कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। गन्नौर बाईपास, सड़कों और सीवरेज समेत कई सुविधाओं का होगा विस्तार।
SMDA की बैठक में कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सोनीपत महानगर का विकास आने वाली पीढ़ियों और बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
बैठक में मंजूर की गई प्रमुख परियोजनाएं
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में हुई सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (SMDA) की तीसरी बैठक में सोनीपत महानगर क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक में सड़कों, पेयजल, सीवरेज, पार्किंग, खेल सुविधाओं, धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण… pic.twitter.com/eZtp20hSOZ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 26, 2026
SMDA की इस बैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई:
- गन्नौर बाईपास: गन्नौर क्षेत्र के लिए 4-लेन बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी गई, जिससे यातायात सुगम होगा और स्थानीय निवासियों व गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- सड़क नेटवर्क का विस्तार: सेक्टर 16/17 के बीच 45 मीटर चौड़ी मास्टर रोड और राई क्षेत्र में सेक्टरों को जोड़ने वाली मास्टर रोड क्रॉसिंग का निर्माण किया जाएगा।
- खेल और पार्किंग: सेक्टर-4 खेल परिसर में ओपन कोर्ट और पवेलियन के साथ-साथ शहर में मल्टी-लेवल पार्किंग और कमर्शियल ऑफिस कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा।
- धार्मिक और पर्यावरण संरक्षण: यमुना किनारे मीमरपुर में धार्मिक और सांस्कृतिक घाट का निर्माण, तथा सोनीपत, खरखौदा और कुंडली क्षेत्रों में नालों के किनारे रिटेनिंग व फ्लड वॉल का निर्माण होगा ताकि कचरा डंपिंग रोकी जा सके।
- आधुनिक सुविधाएं: सीवरेज और जल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ सौर ऊर्जा संयंत्रों (Solar Power Plants) को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि ऊर्जा लागत को कम किया जा सके।
भविष्य की जरूरतों पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में सोनीपत की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार अभी से योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर जल निकासी (Drainage) और जल आपूर्ति प्रणालियों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।