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CM नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में विपक्ष की नारेबाजी पर नाराजगी जताई। बोले- सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और विकास व जनकल्याण पर चर्चा होनी चाहिए।
हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए है और सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा बार-बार खड़े होकर नारेबाजी किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों की जिम्मेदारी है कि वे सदन की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखें।
CM सैनी के मुताबिक, विधानसभा में होने वाली चर्चा का उद्देश्य प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान तलाशना और हरियाणा के विकास को आगे बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने सदस्यों से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की।
विपक्ष की नारेबाजी पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे बार-बार सदन में खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित होती है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर होने वाली चर्चा बाधित होती है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए विधानसभा की निर्धारित प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि विपक्ष को जनता से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक चर्चा करनी चाहिए, ताकि सरकार भी उठाए गए सवालों का जवाब दे सके।
विकास और जनकल्याण पर चर्चा की जरूरत
यह सदन प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।
विपक्ष के सदस्यों ने बार-बार खड़े होकर इस महान सदन के भीतर नारे लगाए, जबकि यहां हरियाणा प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।
– श्री… pic.twitter.com/Ph4EHa8G2T
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 31, 2026
CM सैनी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य जनकल्याणकारी विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन का समय बेहद महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग प्रदेश के हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इन मतभेदों को सार्थक बहस और संवाद के माध्यम से सामने रखा जाना चाहिए।
‘सदन में चर्चा हो, नारेबाजी नहीं’
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि विधानसभा में नारेबाजी के बजाय चर्चा का वातावरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र और प्रदेश से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठा सकते हैं और सरकार उन मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही में व्यवधान से किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होता। इससे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर प्रभावित होता है। इसलिए सभी सदस्यों को सदन के समय और उसकी गरिमा का सम्मान करना चाहिए।
हालिया सत्र में हंगामे से बढ़ा राजनीतिक टकराव
हरियाणा विधानसभा के मौजूदा सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली है। 27 अगस्त को सत्र की शुरुआत के दौरान हंगामे के बाद कांग्रेस के आठ विधायकों को निलंबित भी किया गया था।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में सार्थक चर्चा और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया। इससे पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस का उद्देश्य विधानसभा की कार्यवाही को बाधित करना है और वह सार्थक चर्चा से बच रही है।
लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच स्वस्थ बहस लोकतंत्र को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा सदन की मर्यादा के भीतर होनी चाहिए।
उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि वे हरियाणा के विकास और जनता के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए सदन की कार्यवाही में रचनात्मक भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है।
CM नायब सिंह सैनी के इस बयान के बाद विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव के साथ-साथ सदन की कार्यवाही और उसकी गरिमा को लेकर बहस भी तेज होने के संकेत हैं।