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करनाल में 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जनभागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 2025-26 के दौरान 1.52 करोड़ पौधे लगाए गए और ड्रेन नंबर-1 व 2 के जीर्णोद्धार की घोषणा की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है और इसका समाधान केवल सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बताया जनआंदोलन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान हरियाणा में जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भागीदारी की है। मुख्यमंत्री के अनुसार पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
हरियाणा में लगाए गए 1.52 करोड़ पौधे
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने करनाल में आयोजित 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
“जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और इसका समाधान केवल सरकारों की नीतियों में नहीं, बल्कि जन-जन की सक्रिय भागीदारी में निहित है। प्रधानमंत्री श्री…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 30, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान हरियाणा में 1 करोड़ 52 लाख पौधों का रोपण किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरित क्षेत्र बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए।
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
नायब सिंह सैनी ने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करें तो इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
ड्रेन नंबर-1 और ड्रेन नंबर-2 के जीर्णोद्धार की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करनाल के विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने ड्रेन नंबर-1 और ड्रेन नंबर-2 के जीर्णोद्धार (Renovation) की घोषणा करते हुए कहा कि इससे जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा और क्षेत्र के लोगों को जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है।
पर्यावरण और विकास को साथ लेकर चलने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, सिंचाई, जल निकासी और अन्य विकास परियोजनाओं के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सतत विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
जनभागीदारी से बनेगा हरियाणा अधिक हरित
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएगा तो हरियाणा आने वाले वर्षों में और अधिक हरित एवं स्वच्छ राज्य के रूप में पहचान बनाएगा।