‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2047 के विजन को लेकर बनाया मजबूत एक्शन प्लान

'विकसित भारत-विकसित हरियाणा': मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2047 के विजन को लेकर बनाया मजबूत एक्शन प्लान

हरियाणा विजन 2047 के तहत सीएम नायब सिंह सैनी ने बनाया रोडमैप। ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के संकल्प को पूरा करने के लिए एक्शन प्लान की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

हरियाणा को प्रगति के नए आयामों पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में ‘हरियाणा विजन 2047’ के क्रियान्वयन को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य के भविष्य के रोडमैप और एक्शन प्लान पर गहन मंथन किया गया।

“विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बनेगा हरियाणा”

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा राज्य देश की प्रगति में एक मुख्य भागीदार के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में हरियाणा न केवल भागीदार बनेगा, बल्कि एक मजबूत स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका निभाएगा। हमारा मूल मंत्र ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ है, और इसी सिद्धांत पर चलते हुए हमें राज्य की सतत विकास दर (Sustainable Growth Rate) को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।”

विजन 2047: भविष्य की प्राथमिकताएं

बैठक में ‘हरियाणा विजन 2047’ के तहत विभिन्न विभागों के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे एक्शन प्लान तैयार करें जो:

  • आर्थिक विकास: राज्य की जीडीपी और निवेश को गति देने में सहायक हों।
  • बुनियादी ढांचा (Infrastructure): सड़कों, शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स को विश्वस्तरीय बनाने पर ध्यान केंद्रित करें।
  • सतत विकास: पर्यावरण और तकनीकी नवाचार के साथ विकास को संतुलित करें।
  • सुशासन: सरकारी योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित करें।

प्रशासनिक सक्रियता और संकल्प

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे मिशन मोड में कार्य करें ताकि हरियाणा 2047 तक एक आधुनिक, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बन सके। यह बैठक प्रदेश सरकार के उस दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जहाँ राज्य के हर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का खाका तैयार किया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास की गति न केवल तेज होनी चाहिए, बल्कि वह समावेशी भी हो।

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