मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को ईवी निर्माण और बैटरी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने का विजन रखा। राज्य की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी और औद्योगिक विकास की जानकारी।
हरियाणा को आधुनिक औद्योगिक क्रांति के केंद्र के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) निर्माण, बैटरी उत्पादन और ऑटो कंपोनेंट्स का प्रमुख केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस विजन को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं इलेक्ट्रिक वाहन चलाकर एक मजबूत संदेश दिया है कि हरियाणा का भविष्य ‘हरित और आधुनिक’ (Green and Modern) होगा।
“ईवी की सवारी, भविष्य की तैयारी”
ईवी की सवारी, भविष्य की तैयारी!
हरियाणा सरकार राज्य को ईवी निर्माण, बैटरी उत्पादन और ऑटो कंपोनेंट्स के क्षेत्र में देश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उद्योग और सरकार का यह समन्वय राज्य को वैश्विक पहचान दिलाएगा।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने खुद EV… pic.twitter.com/rpWglFxYey
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 23, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “ईवी की सवारी, भविष्य की तैयारी” का मंत्र केवल एक नारा नहीं, बल्कि हरियाणा की औद्योगिक नीति का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ईवी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को हरसंभव सुविधाएं प्रदान कर रही है। हरियाणा को अब ग्लोबल मार्केट में ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा।
हरियाणा सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं:
- मैन्युफैक्चरिंग हब: राज्य में ईवी और बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्लस्टर्स का विस्तार।
- ऑटो कंपोनेंट्स को बढ़ावा: ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन और सब्सिडी।
- उद्योग और सरकार का समन्वय: सरकार और उद्योग जगत के बीच तालमेल बिठाकर निवेश के लिए एक सहज वातावरण तैयार करना।
- हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन: प्रदूषण मुक्त परिवहन प्रणाली को अपनाकर हरियाणा को स्वच्छ और हरित राज्य बनाना।
वैश्विक पहचान की ओर अग्रसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उद्योगों के बीच का यह समन्वय हरियाणा को न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक पहचान दिलाएगा। राज्य में स्थापित हो रहे नए ईवी प्लांट्स से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य ‘जीरो एमिशन’ की दिशा में देश का नेतृत्व करे।