सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 5 वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की। दवाइयों का ऑनलाइन रिकॉर्ड, कैंसर स्क्रीनिंग और निजी स्कूलों में स्वास्थ्य जाँच मुख्य एजेंडा।
विकसित भारत-2047: सीएम नायब सिंह सैनी का बड़ा फैसला; हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार हुआ 5 वर्षीय ‘सुपर रोडमैप’
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्यों को समय से पहले प्राप्त करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को उत्कृष्ट, सुलभ और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किए गए 5 वर्षीय महत्वाकांक्षी रोडमैप की उच्च स्तरीय समीक्षा की। सीएम ने संकल्प दोहराया कि तकनीक और समन्वित प्रयासों के जरिए हरियाणा स्वास्थ्य क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
वॉर रूम की तर्ज पर बनेगा ‘सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम’
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम (24/7) स्थापित करने के निर्देश दिए। यह कंट्रोल रूम किसी ‘वॉर रूम’ की तरह काम करेगा, जो विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी करेगा ताकि मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
दवाइयों का ऑनलाइन रिकॉर्ड: अब बाहर से दवा खरीदने की ज़रूरत नहीं
मरीजों की सुविधा के लिए सीएम ने अस्पतालों में दवाइयों के स्टॉक का 100% ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया।
- पारदर्शिता: डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन लिखने से पहले पोर्टल पर दवा की उपलब्धता देख सकेंगे।
- समय पर आपूर्ति: दवा खत्म होने से 4 दिन पहले ही अलर्ट जारी होगा ताकि समय पर स्टॉक मंगवाया जा सके।
- सख्ती: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में रहते हुए बाहर से दवा लिखवाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निजी स्कूलों तक पहुँचेगी स्वास्थ्य जाँच (Health Screening)
एक बड़े सामाजिक पहल के तहत, अब सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों के साथ-साथ निजी स्कूलों के बच्चों की भी नियमित स्वास्थ्य जाँच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के लिए एक विस्तृत हेल्थ एक्शन प्लान तैयार किया जाए, जिसमें संतुलित पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए।
टीबी मुक्त हरियाणा और कैंसर स्क्रीनिंग पर जोर
नायब सिंह मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक हरियाणा को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए गाँवों और वार्डों में एआई (AI) तकनीक और हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनों के जरिए स्क्रीनिंग तेज की जाएगी। साथ ही, कैंसर जैसी घातक बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए प्रदेशभर में कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नायब सिंह का संकल्प: “समय से पहले हासिल करेंगे लक्ष्य”
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा, “हरियाणा सरकार केवल इलाज पर नहीं, बल्कि ‘डिजीज प्रिवेंशन’ (बीमारी रोकथाम) पर ध्यान दे रही है। हम स्वास्थ्य विभाग, आयुष और मेडिकल एजुकेशन के समन्वित प्रयासों से ‘विकसित भारत’ के सपनों को हकीकत में बदलेंगे।”