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हरियाणा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में ₹30 लाख तक के इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% मोटर व्हीकल टैक्स छूट और ₹30 लाख से अधिक कीमत वाले EV पर 50% टैक्स छूट को मंजूरी दी।
हरियाणा सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में खरीदे और पंजीकृत किए जाने वाले नए शुद्ध इलेक्ट्रिक (बैटरी चालित) वाहनों पर मोटर व्हीकल टैक्स में बड़ी राहत देने को मंजूरी दी गई।
₹30 लाख तक के इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% टैक्स छूट
30 लाख रुपये तक के इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूर्ण कर छूट!
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिमंडल ने राज्य में खरीदे और पंजीकृत किए गए 30 लाख रुपये तक के एक्स-शोरूम मूल्य वाले नए विशुद्ध इलेक्ट्रिक/बैटरी से चलने वाले दो पहिया, तीन पहिया (ऑटो/ई-रिक्शा) और… pic.twitter.com/wMOEeoKASg
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 28, 2026
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले नए शुद्ध इलेक्ट्रिक या बैटरी चालित दोपहिया, तिपहिया (ऑटो और ई-रिक्शा) तथा चारपहिया वाहनों के पंजीकरण के समय मोटर व्हीकल टैक्स में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। यह छूट केवल हरियाणा में खरीदे और पंजीकृत किए जाने वाले पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर लागू होगी।
₹30 लाख से अधिक कीमत वाले EV पर 50% टैक्स में राहत
राज्य सरकार ने ₹30 लाख से अधिक एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी राहत का ऐलान किया है। ऐसे वाहनों के पंजीकरण पर मोटर व्हीकल टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इससे प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।
ग्रीन मोबिलिटी और स्वच्छ परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही प्रदूषण कम करने, स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। यह निर्णय हरियाणा में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने वाली यह पहल न केवल नागरिकों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक होगी, बल्कि राज्य में कार्बन उत्सर्जन कम करने और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायक साबित होगी।