हरियाणा सीएम नायब सैनी ने पेयजल आपूर्ति के लिए सख्त निर्देश दिए। शिकायतों के लिए जारी होगा टोल-फ्री नंबर। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की स्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पानी से संबंधित किसी भी शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्य के हर नागरिक तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“जवाबदेह और पारदर्शी प्रणाली का संकल्प”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का समाधान एक ‘त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह’ प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र से पानी की आपूर्ति में कोताही की शिकायत मिलती है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
“टोल-फ्री नंबर से मिलेगी राहत”
पेयजल समस्याओं का होगा त्वरित समाधान!
प्रदेश में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP के सख्त निर्देश हैं कि पेयजल से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए।… pic.twitter.com/8WsMeWhgSi
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 24, 2026
नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने एक समर्पित टोल-फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद, प्रदेश का कोई भी नागरिक सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा, और उसका समाधान एक निश्चित समय-सीमा के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।
सरकार की प्राथमिकता: “हर घर स्वच्छ पानी”
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के हर कोने तक पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जल आपूर्ति नेटवर्क की निगरानी खुद करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी लीकेज या अन्य तकनीकी खामियों के कारण पानी की बर्बादी न हो।
सुशासन की ओर बढ़ते कदम
इस पहल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा और जनता के प्रति जवाबदेह बनना होगा। मुख्यमंत्री के इन सख्त निर्देशों के बाद विभाग ने पेयजल योजनाओं की मैपिंग और मॉनिटरिंग प्रक्रिया को तेज कर दिया है, ताकि गर्मियों के दौरान लोगों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।